पटना की रहने वाली दीपाली सहाय का बचपन संगीत और IPS के सपनों के बीच बँटा था। तीन साल की उम्र में ही उनकी माँ ने उनकी आवाज़ को पहचान लिया, पर उनका पहला लक्ष्य भारतीय पुलिस सेवा (IPS) बनना था। उन्होंने इस दिशा में तैयारी शुरू की, लेकिन भाग्य ने उन्हें अलग राह दिखाई।
2007 में, जब दीपाली 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही थीं, उन्होंने ‘Indian Idol 3’ के ऑडिशन दिया और सेलेक्ट हो गईं। 18 साल की उम्र में मुंबई पहुँचकर उनकी आवाज़ ने जज और दर्शकों का ध्यान खींचा। यद्यपि उन्हें ट्रॉफी नहीं मिली, लेकिन देशभर में पहचान बन गई। अगले सीजन में उन्होंने ‘Indian Idol 4’ को होस्ट करने का अवसर भी हासिल किया।
रियलिटी शो के बाद उनका असली संघर्ष शुरू हुआ। मुंबई में स्टेज शो और प्लेबैक सिंगिंग के अवसर तलाशते हुए उन्हें संगीतकार मॉन्टी शर्मा के साथ काम करने का मौका मिला, लेकिन एक समझौते की माँग ने उन्हें बॉलीवुड से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया। इस कारण उन्होंने सिंगिंग से कदम हटाकर एक्टिंग की दिशा में कदम रखा।
दीपाली ने भोजपुरी टीवी शो ‘बड़की मलकाइन’ में काम किया और फिर FTII से निर्देशन की पढ़ाई की, जिससे कैमरे के पीछे की दुनिया भी समझी। लेकिन संगीत उनका पहला प्यार बना रहा।
‘Indian Idol 4’ की होस्टिंग के दौरान लगातार बोलने से उनकी वोकल कॉर्ड्स को नुकसान पहुँचा, और डॉक्टरों ने कहा कि शायद वह दोबारा नहीं गा पाएंगी। इस डर ने उन्हें लगभग छह साल तक सिंगिंग से दूर रखा।
वापसी का रास्ता धीरे‑धीरे खुला। दीपाली ने भोजपुरी लोकसंगीत पर काम किया, पुराने गीतों को नए अंदाज़ में पेश किया और अपनी आवाज़ को जीवित रखा। हालांकि बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक नहीं मिला, लेकिन वह लगातार अपने हुनर को निखारती रहीं।
2026 में एक अप्रत्याशित मोड़ आया। 6 जनवरी, जो दीपाली और A.R. Rahman दोनों का जन्मदिन है, उन्हें Rahman की टीम से इंस्टाग्राम पर संदेश मिला कि वे उनके साथ ‘तेरे पास मैं’ गाना रिकॉर्ड करना चाहते हैं। दीपाली चेन्नई गईं, स्टूडियो में इरशाद कामिल के लिखे बोल और इम्तियाज़ अली के निर्देशन में गाना रिकॉर्ड किया।
‘तेरे पास मैं’ रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर धूम मचा दी। गाने में प्लेबैक सिंगिंग की क्लासिक मिठास और आधुनिक सेंस है, जिसने श्रोताओं को तुरंत आकर्षित किया। बाद में A.R. Rahman ने इस गाने को ‘Indian Idol 16’ में अपने पसंदीदा ट्रैक्स में चुना, जिससे दीपाली की आँखों में आँसू आ गए।
आज दीपाली सहाय का सफर एक प्रेरणादायक कहानी बन चुका है—IPS का सपना, ‘Indian Idol’ का मंच, कई मोड़, आवाज़ खोने का डर, और अंत में 19 साल बाद बॉलीवुड में वह ब्रेक जो उनके करियर को नई ऊँचाइयों पर ले गया। उनका गाना अब सिर्फ एक वायरल ट्रैक नहीं, बल्कि 19 साल की प्रतीक्षा और अडिग जुनून का प्रमाण है।
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