मध्य प्रदेश कैडर के 2014 बैच के IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया ने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया है। वह हाल ही में सागर के पुलिस अधीक्षक (SP) पद से हटाए गए थे और 27 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय में स्थानांतरित हुए थे। सात दिन बाद उन्होंने अपना इस्तीफा प्रस्तुत किया, लेकिन अभी तक उसका औपचारिक स्वीकृति नहीं हुई है।
अपने इस्तीफा पत्र में सुजानिया ने व्यक्तिगत कारणों के साथ नई नौकरी के अवसर का उल्लेख किया है। उनका आवेदन प्रशासन शाखा द्वारा गृह विभाग को भेजा जाएगा, उसके बाद राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के स्तर पर प्रक्रिया पूरी होगी। इस्तीफा स्वीकार होने तक वह सेवा में बने रहेंगे।
जहरीली शराब कांड के बाद यह दूसरी बार है जब सुजानिया को SP पद से हटाया गया। जनवरी 2021 में वह मुरैना के SP थे, जहाँ जहरीली शराब के कारण 24 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। उस समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने उन्हें और जिला कलेक्टर को पद से हटाया था। इसके बाद वह पुलिस मुख्यालय में तैनात रहे और कुछ महीने पहले सागर का SP बनाकर नियुक्त हुए। फिर भी जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद 27 अक्टूबर को उनका तबादला कर दिया गया और उन्हें मुख्यालय में AIG की जिम्मेदारी दी गई।
इस्तिफा प्रस्तुत करने के पीछे बार-बार तबादलों से हुई निराशा का अनुमान लगाया जा रहा है, परंतु सुजानिया ने अपने पत्र में तबादले को कारण नहीं बताया। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों और नई नौकरी के अवसर का उल्लेख किया है। रिपोर्टों के अनुसार उनकी उम्र लगभग 38 वर्ष है और रिटायरमेंट तक अभी लगभग 22 वर्ष शेष हैं, जिससे उनका इस्तीफा पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया है।
अनुराग सुजानिया राजस्थान के मूल निवासी हैं। उन्होंने बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की, फिर UPSC परीक्षा पास कर 2014 में IPS में चयनित हुए और मध्य प्रदेश कैडर मिला। उन्होंने मंदसौर सहित कई जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया है।
सागर के पूर्व SP IPS अभिषेक तिवारी ने भी अपने करियर में सेवा छोड़ दी थी। वह 2013 बैच के अधिकारी थे। अगस्त 2024 में सागर के शाहपुर में दीवार गिरने से नौ बच्चों की मौत हुई, जब तिवारी SP पद पर थे। इस घटना के बाद उनका तबादला कर दिया गया। बाद में वह राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (NTRO) में नियुक्त हुए और जनवरी 2026 में 42 वर्ष की आयु में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली।
सुजानिया और तिवारी दोनों का इंजीनियरिंग बैकग्राउंड है। तिवारी ने इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक किया और IIM इंदौर से अतिरिक्त पढ़ाई की। बालाघाट में SP रहते हुए उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया, जिसके लिए उन्हें दो बार राष्ट्रपति वीरता पदक मिला।
दोनों अधिकारी अपने-अपने समय में सागर के SP रहे और बड़ी घटनाओं के बाद उनका तबादला हुआ। सुजानिया के इस्तीफे के बाद फिर से सागर में SP पद से हटाए गए अधिकारी के सेवा छोड़ने की स्थिति पर चर्चा तेज हो गई है, हालांकि दोनों की परिस्थितियां अलग-अलग रही हैं।
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