Rampur News: सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां की मुश्किलें और बढ़ना तय है। केंद्र सरकार की दो बड़ी एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। आयकर और प्रवर्तन निदेशालय का यह तालमेल आजम खां ही नहीं उनसे जुड़े जौहर विवि को मोटा चंदा देने वालों की भी मुश्किलें बढ़ाएगा। धोखाधड़ी में सजायाफ्ता रामपुर में जेल में बंद आजम खां की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। उन पर ईडी और आयकर दोनों का शिकंजा है।
पूर्व में जब आजम खां सीतापुर जेल में बंद थे तब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम उनसे प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज केस में पूछताछ की थी। अभी जून माह में जब आयकर ने जो नोटिस भेजा, उसमें भी इसका जिक्र गया था। आयकर के नोटिस और कार्रवाई के बाद जिस तरह से ईडी ने पुलिस से मुकदमों का ब्योरा मांगा, उससे आशंका जताई जाने लगी थी कि कभी भी ईडी रामपुर में छापा मार सकती है, यही हुआ भी बुधवार को करीब 16 घंटा ईडी ने जौहर विवि, जौहर ट्रस्ट के ऑफिस समेत छह ठिकानों पर छापामारी की। इससे पहले जब आईटी की रेड पड़ी तब भी आईटी ने ईडी के साथ सूचनाएं साझा की थीं। जांच एजेंसियों का यह तालमेल आजम ही नहीं उनके करीबियों की भी मुश्किलें बढ़ाएगा।
मालूम हो कि पूर्व में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर शिकायत की थी और बाद में ईडी को बैलेंस शीट सौंपी, जिसमें आरोप लगाया था कि आजम खां सूबे के सबसे कद्दावर मंत्री माने जाते थे। यही वजह है कि उनके मंत्रित्वकाल में जबरन वसूली और भ्रष्टाचार से पैसा कमाया है। वर्ना, दानदाताओं ने तब उतना चंदा क्यों नहीं दिया, जितना मंत्रित्व काल में दिया है।
मालूम हो कि सपा नेता आजम खां के यहां पूर्व में आईटी की रेड पड़ी थी 13 सितंबर 2023 को शुरू हुई यह रेड लगातार तीन दिन यानी लगभग 60 घंटे तक चली थी। रामपुर के अलावा लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर और मध्य प्रदेश के विदिशा में छापे मारे गए थे। इसके बाद अक्टूबर 2023 में उनके करीबियों (ठेकेदारों और सहयोगियों) के ठिकानों पर भी आयकर विभाग की टीमें पहुंची थीं। इससे पहले 2022 में ईडी ने रेड डाली थी।
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सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां के करीबी ठेकेदारों के साथ-साथ अब उनकी बैलेंस शीट तैयार करने वाले भी आयकर-ईडी के रडार पर आ गए हैं। शहर के एक सीए से इस संबंध में पूर्व में पूछताछ भी की गई, बुधवार को ईडी ने भी संबंधित ठिकानों पर छापामारी की और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए। आजम खां पर कानून का शिकंजा कसता ही जा रहा है। एक ओर ईडी उनकी कालेधन को श्वेत करने की जांच कर रही है तो दूसरी ओर कर चोरी की आशंका में आयकर वाले उनके पीछे पड़ गए हैं। पूर्व में आजम के यहां छापामारी के बाद उनके 13 करीबी ठेकेदारों के यहां छापामारी की गई थी। ठेकेदार के यहां से दस्तावेजों के साथ-साथ पेनड्राइव, हार्ड डिस्क, मोबाइल आदि अपने साथ ले गई थी। अब आजम के करीबी ठेकेदारों का लेखा-जोखा तैयार करने वाले एक्सपर्ट आयकर और ईडी के रडार पर हैं।
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