समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉंड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने तड़के मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी समेत रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली के दस ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। तड़के शुरू हुई कार्रवाई करीब 16 घंटे चली। टीमों ने परिसरों में दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले। रात साढ़े दस बजे ईडी की टीमें जौहर विवि, जौहर ट्रस्ट और संबंधित ठिकानों से कुछ दस्तावेज कब्जे में लेकर लखनऊ चली गईं।
पांच साल पहले ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आजम खां के खिलाफ लखनऊ में केस दर्ज किया था। इसके बाद मई 2022 में ईडी की टीम रामपुर पहुंची थी। उस दौरान जौहर यूनिवर्सिटी में राजस्व टीमों के साथ भवनों और जमीन की पैमाइश कराई गई थी। जून माह में आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद जुलाई में ईडी ने पुलिस-प्रशासन से आजम खां के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का ब्योरा मांगा था। इसके बाद से ही ईडी की रामपुर में कार्रवाई की संभावना जताई जा रही थी।
इसी क्रम में बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे ईडी की टीमों ने आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। रामपुर में छह ठिकानों पर ईडी पहुंची। इनमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, सीके एसोसिएट के निदेशक पवन कुमार जैन के गंगापुर आवास विकास कॉलोनी स्थित आवास, सीके एसोसिएट के ज्वाला पैलेस पीपल टोला स्थित कार्यालय, सिविल लाइंस क्षेत्र में शौकत रोड स्थित इलाही मस्जिद के सामने ए एंड एस इंटरप्राइजेज और गंज कोतवाली क्षेत्र में जेल रोड स्थित शाहीन खां का घर शामिल है।
सपा सरकार के दौरान सीके एसोसिएट और अन्य फर्मों की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों का निर्माण कराया गया था। ईडी की टीमों ने करीब 16 घंटे तक संबंधित ठिकानों पर दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की। कार्रवाई पूरी होने के बाद रात करीब साढ़े दस बजे टीमें वापस लौट गईं।
आयकर विभाग ने 23 जून को आय और व्यय का ब्योरा उपलब्ध न कराने समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त कर दिया था। विभाग ने ट्रस्ट से वर्ष 2015 से 2020 तक की आय और व्यय के अलावा जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन खरीद, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण पर खर्च की गई रकम का साक्ष्यों समेत ब्योरा मांगा था।
इसके अलावा आयकर विभाग ने दान के नाम पर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये देने वाली 11 संदिग्ध फर्मों का रिकॉर्ड भी मांगा था। ट्रस्ट की ओर से विभाग से कुछ और समय देने का अनुरोध किया गया था। ट्रस्ट की ओर से मांगा गया पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ईडी इससे पहले भी रामपुर में कार्रवाई कर चुकी है। 11 मई 2022 को ईडी की टीम यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों की प्रारंभिक पड़ताल के लिए रामपुर पहुंची थी। उस दौरान राजस्व टीम के साथ यूनिवर्सिटी के भवनों और जमीन की पैमाइश कराई गई थी।
इसके बाद जून में आयकर विभाग की कार्रवाई और जुलाई में ईडी की ओर से पुलिस-प्रशासन से आजम खां के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का ब्योरा मांगे जाने के बाद ईडी की अगली कार्रवाई की संभावना जताई जा रही थी। बुधवार सुबह हुई छापेमारी इसी क्रम में हुई है। समाचार लिखे जाने तक ईडी की टीमों की कार्रवाई जारी थी।
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