यूपी के मुरादाबाद में पिछले कई दिनों से तेंदुए की छाई दहशत बुधवार को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई। ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तीन गांवों में तेंदुए की मौजूदगी से हड़कंप मच गया। बलिया गांव में मंगलवार को तेंदुए के हमले में मारी गई विरमो देवी के अंतिम संस्कार के कुछ घंटे बाद शाम को तेंदुआ दोबारा गांव में पहुंच गया। वहीं बसई का मजरा गांव में तो मंदिर के सामने पंचायत कर रहे ग्रामीणों के बीच अचानक तेंदुआ पहुंच गया। दोनों जगह ग्रामीणों ने लाठी-डंडा लेकर तेंदुए को खदेड़ा। इसके बाद वह खेतों में भाग गया। गांव पाडला में वन विभाग के ड्रोन में भी तेंदुआ दिखाई दिया है। अब लोग रात भर लाठी-डंडा लेकर पहरेदारी कर रहे हैं।
बसई का मजरा गांव में ग्रामीण मंदिर के सामने पंचायत लगाकर बैठे थे और गांव के विकास को लेकर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेंदुआ वहां पहुंच गया। तेंदुए को देखकर ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए लाठियां लेकर उसका पीछा किया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ ईख के खेत में घुस गया और आंखों से ओझल हो गया।
मंगलवार की दोपहर 3 बजे खेत पर गई विरमो देवी पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। हमले में उनकी मौत हो गई थी। बुधवार को अंतिम संस्कार को लेकर गांव में काफी आक्रोश का माहौल था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ब्लॉक प्रमुख पति डॉ. वीर सिंह सैनी ने ग्रामीणों और पीड़ित परिवार को समझाया, जिसके बाद शांतिपूर्वक महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बताया गया कि शाम करीब 5:30 बजे तेंदुआ एक बार फिर गांव में पहुंच गया। वह रवि डॉक्टर के मकान के पीछे खड़ा दिखाई दिया। तेंदुए को देखते ही ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठियां लेकर मौके पर पहुंच गए और तेंदुए को घेरकर दूर तक दौड़ाया। ग्रामीणों के शोर और पीछा करने पर तेंदुआ वहां से भाग निकला।
तेंदुए के हमले में महिला की मौत के बाद पीड़ित परिवार की मदद के लिए जनप्रतिनिधि भी आगे आए हैं। पूर्व विधायक नेता विजय यादव ने पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। सपा विधायक नवाब जान ने भी तेरहवीं पर परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात कही। ब्लॉक प्रमुख पति डॉ. वीर सिंह सैनी ने भी पीड़ित परिवार की मदद का भरोसा दिलाया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव पाडला में वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर ड्रोन उड़ाए तो जंगल में तेंदुआ घूमता हुआ देखा गया। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सतर्क करते हुए कहा कि जंगल की दिशा में बिल्कुल न जाए। यहां बता दें कि पाड़ला ,मधुपुरी, नयागांव बहादुर नगर, लालापुर पीपलसाना, बलिया, मुनीमपुर राई भूड़ और मलकपुर सेमरी में बहुत बड़ी संख्या में तेंदुए देखे जा रहे हैं।
ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के गांवों में तेंदुओं की लगातार सक्रियता से इन दिनों जिंदगी ऐसी हो गई है कि लोग खेतों पर अकेले जाने से भी कतरा रहे हैं। अब तक तेंदुए के हमलों में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 20 लोग घायल होकर हमलों का शिकार हो चुके हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद ग्रामीण दिन में भी सतर्क रहते हैं और रात को गांव में पहरा दे रहे हैं। बीते मंगलवार की दोपहर बलिया गांव खेत पर चारा लेने गई महिला को तेंदुए ने अपना निवाला बनाते हुए उसे मौत के घाट उतार दिया था।
इससे पहले लालापुर पीपलसाना में संतोष देवी भी तेंदुए के हमले में जान गंवा चुकी हैं। दोनों घटनाओं ने ग्रामीणों को अंदर तक झकझोर दिया है। तेंदुओं की मौजूदगी का असर अब ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। किसान खेतों में जाने के लिए अकेले निकलने के बजाय समूह का इंतजार कर रहे हैं। महिलाएं भी अकेले खेतों की ओर जाने से बच रही हैं। ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर गलियों और घरों के बाहर चौकसी कर रहे हैं।
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