लखनऊ में गुरुवार की दोपहर डबल हत्या के बाद आत्महत्या में मारी गई आईसीआईसी बैंक महिला अधिकारी की मां वारदात के 18 घंटे बाद भी पूरी घटना से अनजान हैं। जघन्य वारदात में बेटी-दामाद की मौत हो चुकी है और दामाद के बहन भी मारी गई है। इसके बाद भी उन्हें केवल यह बताया गया है कि बेटी दिव्या की हालत क्रिटिकल है। दिव्या की बहन प्रज्ञा के अनुसार रात में उन्हें झूठ बोलकर सुला दिया गया था। प्रज्ञा ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट में लिखा कि सच कहना कितना मुश्लिकल होता है, पहली बार पता चल रहा है। फिलहाल तीनों शवों का पोस्टमार्टम गुरुवार को नहीं हो सका था। शुक्रवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की उम्मीद है।
लखनऊ के गोमतीनगर में आईसीआईसीआई बैंक के ठीक सामने ही महिला अधिकारी दिव्या मिश्रा की उनके ही पति मानस वाजपेयी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। स्टेट बैंक में अधिकारी मानस ने इसके बाद घर पहुंचकर पहले अपनी मानसिक रूप से बीमार बहन की हत्या की और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस को कोई सुसाइड नोट वगैरह भी नहीं मिला है। व्हाट्सएप स्टेटस पर मानस ने पत्नी पर चीटिंग का आरोप लगाया है। साली प्रज्ञा और साढ़ू भरत के लिए लिखा की वह सब कुछ जानते हैं। प्रत्रा पत्रकार औऱ मशहूर यूट्यूबर हैं।
प्रज्ञा ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर इस बारे में अपना पक्ष भी लिखा है और मानस को लेकर कई आरोप लगाए हैं। शुक्रवार की सुबह लिखी गई पोस्ट ही प्रज्ञा ने बताया कि दिव्या का पोस्टमॉर्टम गुरुवार को नहीं हो पाया। शुक्रवार की सुबह 9-10 बजे का वक्त दिया गया है। आगे लिखा कि मम्मी को अब भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाई हूं। दिव्या की हालत क्रिटिकल है ये झूठ बताकर बगल में सुला दिया है। पहली बार लग रहा है कि सच कहना कितना मुश्किल होता है। वो (दिव्या) पोस्टमॉर्मट हाउस के फ्रीजर में है, ये सच मैं नहीं कह पाई।
चालीस वर्षीय मानस बाजपेयी हुसड़िया चौराहे पर स्थित अपने पैतृक घर में रहता था। उसके साथ उसकी 28 साल की अविवाहित बहन तूलिका भी रहती थी। तूलिका मानसिकरूप से लंबे समय से अस्वस्थ थी। मानस के पिता आरके बाजपेयी भी बैंक में काम करते थे। कोरोना के दौरान उनका निधन हो गया था। उसके कुछ समय बाद उसकी मां भी दुनिया छोड़ गईं। ऐसे में तूलिका की पूरी जिम्मेदारी मानस पर आ गई थी।
मानस और दिव्या मिश्रा (35) की शादी 2017 में हुई थी। दिव्या आईसीआईसीआई गोमतीनगर ब्रांच में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत थी। कुछ समय तक तो सबकुछ ठीक रहा बाद में दोनों में मनमुटाव रहने लगा। मानस के माता-पता के न रहने और मानसिक रूप से अस्वस्थ रहने वाली बहन को लेकर विवाद और बढ़ गया। दोनों से कोई संतान भी नहीं थी।
स्थितियां जब ज्यादा खराब होने लगीं तो दिव्या आलमबाग स्नेह नगर स्थित अपने मायके में रहने लगी। वह यहीं से आटो लेकर बैंक आती-जाती थी। एक साल पहले ही दिव्या ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा दायर किया था। शायद ही किसी ने अनुमान लगाया हो कि यह पारिवारिक कलह तबाही में बदल जाएगा।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!