यूपी की योगी सरकार ने गुरुवार की देर रात नौ आईपीएस अधिकारियों का तबादल कर दिया। इसमें मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय समेत कई जिलों के कप्तान भी शामिल हैं। नौ में से आठ आईपीएस अधिकारियों को तो नए जिले या जिलों में ही तैनाती मिली है। केवल अविनाश पांडेय को लखनऊ मुख्यालय बुला लिया गया है। ऐसे में सजा के तौर पर देखा जा रहा है। अविनाश पांडेय पांच महीने पहले ही मेरठ के एसएसपी बनाए गए थे। एसएसपी बनने के बाद से ही विवादों से लगातार उनका नाता रहा। सबसे बड़ा विवाद कुछ समय पहले हुआ था। मीडिया और दर्जनों कैमरे के सामने दलित युवकों को थप्पड़ मारने और पुलिस की गाड़ी में घुसकर एक दलित नेता की पिटाई का रहा। इसका वीडियो भी खूब वायरल हुआ। मामला दलित से जुड़ा था तो विपक्ष के नेताओं ने सरकार को आड़े हाथ लिया था।
मेरठ से जाते-जाते भी गुरुवार को उनके साथ एक बड़ा विवाद चिपक गया है। एक किसान नेता को अपने कार्यालय में बुलाकर पीटने का आरोप लगा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पिटाई से बुरी तरह घायल किसान नेता की तस्वीर एक्स पर पोस्ट कर यूपी की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अविनाश पांडेय को हटाने के पीछे इस घटना से भी जोड़ा जा रहा है।
आईपीएस अविनाश पांडेय ने चार फरवरी 2026 को मेरठ एसएसपी का पद संभाला था। करीब पांच माह के कार्यकाल में पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर कई अभियान चलाए गए। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर भी पुलिस की तैयारियां चर्चा में रहीं। इसी दौरान वीडियो वायरल हुए और विवाद जुड़े। अविनाश की जगह झांसी के एसएसपी और 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया कप्तान बनाया गया है।
एसएसपी अविनाश पांडेय के साथ थप्पड़ कांड का विवाद पिछले महीने जुलाई में ललिता गौतम हत्याकांड के बाद जुड़ा। मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या कर दी गई थी। इसी के विरोध में मेरठ कलक्ट्रेट गेट पर ललिता के परिजन और दलित समुदाय से जुड़े युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय कलक्ट्रेट गेट पर खुद पहुंचे और अचानक युवकों को थप्पड़ मारने लगे। इससे भगदड़ मच गई।
यही नहीं, हिरासत में लिए गए एक प्रदर्शनकारी रवि गौतम को पुलिस वैन में घुसकर पीटने लगे। मीडिया और दर्जनों कैमरों के सामने ही अविनाश यह सब करते रहे। इसे लेकर उनके खिलाफ मानवाधिकार कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है।
मेरठ से विदाई से पहले अविनाश पांडेय से एक और विवाद जुड़ गया है। भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने अविनाश पांडेय और सिविल लाइंस थाने के प्रभारी अखिलेश गौड़ पर पिटाई करने का आरोप लगाया है।
दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि वह मोहित जाटव के साथ एसएसपी अविनाश पांडेय से उनके कार्यालय में बुधवार को गैंगस्टर के एक मुकदमे में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए मिलने गए थे। एसएसपी ने सिपाही से उनको अन्दर कार्यालय में बुलवाया। अंदर एसएसपी ने खुद उनकी पिटाई की। बाद में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अखिलेश गौड एसएसपी कार्यालय पहुंचे और उन्हें पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय ले गए। वहां भी मोहित और उनकी पिटाई की गई। पिटाई से आंखों से खून आने के बाद पुलिस ने आंखों और दिमाग के डाक्टरों को भी थाने में बुलाया था।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!