अक्टूबर का मौसम अब ऐसा ठंडा‑ठंडा हो गया है कि जैसे दिसंबर पहले ही दस्तक दे रहा हो। कहीं बारिश से तापमान गिर रहा है, तो कहीं पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ रही है। इस बदलाव का मुख्य कारण चक्रवात अर्नब से जुड़ी कमजोर डिप्रेशन और सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है।
मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर से नवंबर के शुरुआती दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज‑चमक और तेज हवाओं का असर रहेगा। दिल्ली में गुरुवार को पिछले चार सालों में सबसे ठंडा अक्टूबर दिन दर्ज किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना है।
दिल्ली में सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 25.4°C रहा, जो सामान्य से 6°C कम था। एक दिन पहले यह 31.8°C था। इस तापमान गिरावट का रिकॉर्ड 8 अक्टूबर 2022 (23.4°C) के बाद का सबसे ठंडा अक्टूबर दिन बन गया। रात का तापमान 19.2°C तक पहुंचा, जो सामान्य से 3°C अधिक था।
गुरुवार को दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हल्की‑से‑बहुत हल्की बारिश हुई। सफदरजंग में 0.5 mm, पालम में 1 mm, दक्षिण‑पश्चिम दिल्ली के झरोड़ा कलां में 44 mm और पीतमपुरा में 4 mm बारिश दर्ज हुई। विभाग का अनुमान है कि 30 अक्टूबर को भी हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा, जबकि 31 अक्टूबर से मौसम साफ होने की संभावना है। अगले सप्ताह दिन का तापमान फिर बढ़ेगा, लेकिन रात के तापमान में गिरावट आएगी।
स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के मुताबिक, उत्तर भारत में कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर है, जबकि उत्तर हरियाणा के ऊपर चक्रवात अर्नब से जुड़ा परिसंचरण बना हुआ है। अर्नब से जुड़ी डिप्रेशन कमजोर होकर छत्तीसगढ़‑ओडिशा के आसपास निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गई, जिससे बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएँ उत्तर भारत की ओर आ रही हैं। इन कारणों से दिल्ली सहित कई उत्तर‑भारतीय क्षेत्रों में बादल और बारिश छा गई है।
IMD के अनुसार, 30 अक्टूबर को उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज‑चमक और तेज हवाओं का असर रहेगा, कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं। जम्मू‑कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में लगातार बारिश की संभावना है।
पूर्वी भारत में भी बारिश जारी रहेगी। बिहार में 30 अक्टूबर तक कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना है, और 31 अक्टूबर‑4 नवंबर तक भी बारिश जारी रह सकती है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अंडमान‑निकोबार द्वीप समूह में भी लगातार बारिश के अलर्ट जारी हैं।
दक्षिण भारत में भी नवंबर की शुरुआत में बारिश बढ़ेगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और यनम में 30 अक्टूबर से 4 नवंबर तक विभिन्न स्तर की बारिश की भविष्यवाणी है, कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो रहा नया मौसम सिस्टम भी उत्तर‑पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है। शुरुआती अनुमान बताते हैं कि यह सिस्टम 31 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन में बदल कर पश्चिम‑उत्तरी‑पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा, जिससे आंध्र प्रदेश के तट पर असर पड़ेगा। हालांकि, इस सिस्टम की ताकत और मार्ग अभी स्पष्ट नहीं है।
बारिश के बाद दिल्ली का AQI 222 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है, जबकि एक दिन पहले यह 229 था। हवा की गुणवत्ता में सुधार सीमित रहा।
समग्र रूप से, अक्टूबर के अंतिम दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। उत्तर भारत में बारिश के कारण दिन का तापमान गिरा है, जबकि पूर्वी और दक्षिण भारत में नवंबर की शुरुआत में बारिश बढ़ने की संभावना है। दिल्ली में 31 अक्टूबर के बाद मौसम साफ हो सकता है, लेकिन नवंबर के दूसरे सप्ताह में फिर से तापमान गिरने की संभावना बनी हुई है।
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