भोपाळ के रातीबड़ थाना के सूरज नगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में अब एक नया मोड़ आया है। लगभग 11 महीने पहले उन्होंने अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। उस शिकायत की जांच के बाद अक्टूबर 2025 में अजीत पाटनी को गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस इस पुराने वित्तीय विवाद और हत्या के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है।
हत्या 30 सितंबर की सुबह हुई। राकेश अग्रवाल अपने घर में पत्नी के साथ रह रहे थे। कुछ दिन पहले ही उन्होंने एक नया केयरटेकर (मेल नर्स) को काम पर रखा था। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद वह केयरटेकर घर से फरार हो गया और उसका सामान भी नहीं मिला, जिससे प्रारंभिक जांच में उस पर ही शक बना रहा।
पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, हत्या रात के 2‑3 बजे के बीच हुई होगी। राकेश अग्रवाल घर के निचले हिस्से में सो रहे थे। सुबह उनकी पत्नी ने कमरे से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा बाहर से बंद मिला। दूसरे कर्मचारी की मदद से दरवाजा खोलने पर राकेश का खून से लथपथ शव मिला, जिसका गला रेता गया था। फॉरेंसिक टीम ने स्थल से साक्ष्य जुटाए और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की।
जांच के दौरान घर में LPG सिलेंडर की रेग्युलेटर से छेड़छाड़ के संकेत मिले। इससे यह संभावना उठी कि हत्याकांड के बाद आग लगाकर या गैस लीक करके सबूत मिटाने की कोशिश की गई हो सकती है। असली मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
पिछले वित्तीय विवाद की जानकारी भी जांच में सामने आई। राकेश ने अजीत पाटनी को कंपनी में निवेश और उच्च रिटर्न का भरोसा देकर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकालने का आरोप लगाया था। इस मामले में राकेश को गवाह के रूप में पेश किया जा रहा था, जबकि अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी।
अब पुलिस यह पता करने की कोशिश कर रही है कि क्या इस धोखाधड़ी मामले की अदालत प्रक्रिया, दबाव या धमकी ने हत्या को प्रेरित किया। एडीसीपी अनिल शर्मा ने कहा कि वित्तीय लेन‑देन की जांच के साथ-साथ फरार केयरटेकर को पकड़ना प्राथमिक लक्ष्य है। उसकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही हत्या के पीछे का पूरा परिदृश्य स्पष्ट हो सकेगा।
मामले की प्रमुख टाइमलाइन इस प्रकार है:
- अक्टूबर 2025 – राकेश अग्रवाल ने अजीत पाटनी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई; पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
- सितंबर 2026 – अदालत में धोखाधड़ी मामले की सुनवाई चल रही थी; राकेश ने अपने घर में नया केयरटेकर रखा।
- 29‑30 सितंबर 2026 – राकेश की हत्या; केयरटेकर घर से फरार।
- 30 सितंबर सकाळ – राकेश की पत्नी ने घर के अंदर मृत शरीर पाया; पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुँची।
- 30 सितंबर‑1 अक्टूबर – हत्या, संभावित लूट और LPG लीकेज के एंगल के साथ पुराने धोखाधड़ी विवाद की भी जांच शुरू।
- 1 अक्टूबर – पुलिस ने पुष्टि की कि वित्तीय विवाद प्रमुख बिंदु बन गया है और अब वह इस कनेक्शन को स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
पुलिस ने कई राज्यों में सर्च टीमें तैनात कर फरार केयरटेकर की तलाश शुरू कर दी है और आशा जताई है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
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