राजधानी लखनऊ के निगोहां क्षेत्र में फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने मोबाइल फोन की एक महीने की किस्त रुकने पर राजाराम खेड़ा पुरहिया गांव निवासी युवक नेवल को अगवा कर लिया। वसूली के दौरान एजेंटों ने उसे ब्लड बैंक में ले जाकर एक यूनिट खून निकलवाकर बेच दिया। बंधक बनाकर पीटा, घरवालों को फोन कर जान से मारने की धमकी दी और UPI के जरिए किस्त के 2799 रुपये मंगवाए।
इतनी बड़ी घटना के बावजूद पुलिस ने अपहर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ित परिवार ने सोमवार को डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक के कार्यालय में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी ने थाना पुलिस को फटकार लगाई, तब ही आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
बात सितंबर 2025 की है, जब नेवल ने निगोहां कस्बे में स्थित गीता मोबाइल शॉप से जीरो डाउन पेमेंट पर 21 हजार रुपये का मोबाइल खरीदा था। बड़े भाई राजकुमार के मुताबिक, एक महीने की किस्त बकाया होने पर रिकवरी एजेंट शुभम सिंह और एक अन्य व्यक्ति घर आया। उसने भाई का मोबाइल छीनकर ले लिया और कहा कि अब किस्त देने की जरूरत नहीं है। नेवल समझ गया कि उसकी उधारी चुकाने वाली है।
लेकिन अगले दिन, मंगलवार (7 सितंबर) को शुभम और उसका साथी फिर घर पहुंचे। नेवल को बुलाकर स्कूटी पर बैठा लिया और ले चले। अपने घर पर उसे बंधक बनाकर जमकर पीटा। इस बीच उसे ब्लड बैंक में ले जाकर एक यूनिट खून निकलवाकर बेच दिया। फिर वापस ले आकर फिर से बंधक बनाया।
नेवल से नंबर लेकर घरवालों को फोन किया और 2799 रुपये की किस्त मांगी। रुपये न देने पर धमकी दी कि भाई की हत्या कर गोमती नदी में फेंक दिया जाएगा। डर के मारे परिवार ने बताए गए UPI ID पर पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अगले दिन फिर फोन आया, इस बार 12,500 रुपये की मांग की। असमर्थता जताने पर फिर धमकियां मिलीं।
भाई की जान पर खतरा देखकर परिवार ने निगोहां थाने में शिकायत की। दरोगा मोहित ने अपहर्ताओं के नंबर पर कॉल कर नेवल को छोड़ने को कहा। इसके बाद अपहर्ताओं ने Rapido से एक ऑटो बुक किया और शनिवार शाम नेवल को ऑटो पर बैठाकर थाने भेज दिया। जब राजकुमार ने थाने में भाई को देखा तो वह बदहवास हालत में था।
राजकुमार ने बताया कि दरोगा से अपहर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। भाई से पूछताछ की कोशिश की तो वह ठीक से कुछ बोल नहीं पा रहा था। हालत में सुधार होने पर अगले दिन नेवल ने पूरी घटना की जानकारी दी। तहरीर लेकर थाने गए तो पुलिस ने फिर टाला दिया।
राजकुमार के मुताबिक, पुलिस ने कहा—"छोड़ो, तुम्हारा भाई आ गया है। अगर मुकदमे के चक्कर में पड़ोगे तो तुम्हारा भाई भी फंसेगा, क्योंकि उसने भी किश्तें जमा नहीं की हैं।"
दोपहर को राजकुमार परिवार के साथ डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक के कार्यालय पहुंचा। सारी घटना की जानकारी देने के बाद डीसीपी ने फोन कर थाना पुलिस को फटकार लगाई और तत्काल मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
डीसीपी मो. मुश्ताक ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर अपहर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और तलाश में दबिश चल रही है। साथ ही थाना पुलिस की लापरवाही की जांच के भी निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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