नेपाल के त्रिशुली नदी में फ्लैश फ्लड के बाद गंडक नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट कर दिया है। साथ ही गंडक नदी से सटे मुजफ्फरपुर सहित सात जिलों के प्रशासन को भी बाढ़ से निपटने के लिए बने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार तैयारी का निर्देश दिया गया है। मुजफ्फरपुर जिले के तीन प्रखंडों साहेबगंज, पारू और सरैया से होकर गंडक नदी गुजरती है। इन तीन प्रखंडों की 20 पंचायतों में बाढ़ की आशंका को लेकर लोगों को ऊंचे जगहों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता ने बताया कि स्थिति पर नजर रखते हुए तैयारियां की जा रही है। फिलहाल वाल्मीकिनगर बैराज के सभी 36 गेटों को खोलते हुए पानी छोड़ा गया है, ताकि नेपाल से आनेवाले पानी के प्रवाह की तीव्रता कम की जा सके। उन्होंने बताया कि अबतक के आकलन से अनुसार मुजफ्फरपुर जिले में अगले 40 घंटों में बाढ़ का पानी आने की संभावना है।
फ्लैश फ्लड से साहेबगंज प्रखंड की माधोपुर हजारी, बासुदेवपुर सराय, बंगरा निजामत, पहाड़पुर मनोरथ, रूप छपरा, हुस्सेपुर और हुस्सेपुर रत्ती पंचायत पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा पारू प्रखंड की चक्की सोहागपुर, चांद केवारी, सोहसा सोहासी, धरफरी, उस्ती, बैजलपुर, मानिकपुर, फतेहाबाद और जयमंगल डुमरी पंचायत के इसकी जद में आ सकते हैं। इसमें चक्की सोहागपुर नदी के दोनों तटबंधों के बीच बसा है, जबकि उस्ती और चांद केवारी का कुछ हिस्सा तटबंधों के बीच है। वहीं, सरैया प्रखंड की बरवा पाकड़, देवा बसंतपुर दक्षिणी, दातापुर पचभिड़वा और मधौल पंचायत भी इससे प्रभावित हो सकती है।
मुख्यालय से जारी आदेश के बाद जल संसाधन विभाग का मुजफ्फरपुर स्थित बाढ़ नियंत्रण केंद्र भी हरकत में आ गया है। मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता बिनोद कुमार लालगंज प्रमंडल में अस्थाई शिविर बनाया है। वहीं से वे पल पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि मानिकपुर, रतनपुर डिही, बंगरा निजामत और बलहां बसंत को सर्वाधिक असुरक्षित माना गया है। यहां बालू और गिट्टी को बोरियों में भरकर आपात स्थिति से निपटने के उपाय किए गए हैं। वहीं, बंद पड़ी नाइट एंबुलेंस सेवा बुधवार से फिर चालू की गई है। सूचना एकत्रित करने के लिए भी ग्रामीणों के मोबाइल नंबर लिए गए हैं।
जिले में बाढ़ की आशंका को देखते हुए बुधवार को डीएम कुमार गौरव, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र और एसडीओ पश्चिमी आकांक्षा कुमारी ने सरैया, पारू और साहेबगंज प्रखंडों का भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ जल संसाधन विभाग के अभियंता सहित तकनीकी व प्रशासनिक पदाधिकारी थे। अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली और आम लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने का अनुरोध किया। साथ ही अफवाहों से बचने और किसी भी तरह के खतरे का संकेत मिलते ही जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना देने के लिए कहा। अधिकारियों ने सबसे पहले सरैया के रतनपुर डीही गांव के पास गंडक के तटबंध की स्थिति का जायजा लिया।
डीएम ने कहा कि बाढ़ से बचाव के एसओपी के अनुसार सभी तैयारी की गई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का निर्देश स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दिया गया है। साथ ही सामुदायिक रसोईघर खोले जा रहे हैं। फिलहाल पांच पंचायतों में 11 सामुदायिक रसोईघर शुरू कर दिए गए हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों और बुज़ुर्ग व्यक्तियों के लिए विशेष प्रबंध किया जा रहा है। तटबंधों की निगरानी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम की तैनाती, सूखा राशन का वितरण की व्यवस्था की जा रही है।
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