ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें राजस्व मद में 3679.86 करोड़ व पूंजीगत मद में 4164.32 करोड़ का प्रावधान किया गया। अनुपूरक बजट को मिला कर वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट का कुल आकार 119547.38 करोड़ हो गया है।
अनुपूरक बजट में खेल विश्वविद्यालय के लिए 35 करोड़ का प्रावधान किया गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार के लिए 15 करोड़, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत के लिए 10 करोड़, ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 28 करोड़, किसान पेंशन योजना के लिए नौ करोड़, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए दो करोड़, लोक निर्माण व ग्राम्य विकास के अधीन प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के मरम्मत के लिए 61 करोड़ का प्रावधान किया गया। मेगा इंडस्ट्रियल नीति के तहत अनुदान के लिए 12 करोड़ व ओपन जिम के लिए पांच करोड़ का प्रावधान किया गया। राष्ट्रीय खेल से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए आठ करोड़, ग्रामीण खेलकूद व स्वास्थ्य संवर्धन योजना के लिए एक करोड़, खिलाड़ियों के छात्रवृत्ति के लिए आठ करोड़, नीट, जेईई व क्लैट की निशुल्क कोचिंग के लिए पांच करोड़ का प्रावधान किया गया।
अनुपूरक बजट में जोशीमठ व अन्य स्थानों पर भू धंसाव रोकने के लिए 48 करोड़ का प्रावधान किया गया। शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए एडीबी योजनाओं के लिए 100 करोड़, पंचायत भवनों के निर्माण को पांच करोड़, शहरी विकास विभाग में कार्यालय भवनों के निर्माण को 15 करोड़, पेयजल योजनाओं के लिए 110 करोड़ का प्रावधान किया गया।
अनुपूरक बजट में भोजन माताओं के मानदेय के लिए 20 करोड़, सक्षम आंगनबाड़ी पोषण योजना के तहत 60 करोड़, निराश्रित विधवा पेंशन के लिए 27 करोड़, जलवायु अनुकूल बारानी कृषि योजना के लिए 70 करोड़, माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज स्कीम के लिए 35 करोड़, सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 20 करोड़ व गौ सदन निर्माण के लिए नौ करोड़ व मौन पालन नीति के लिए एक करोड़ का प्रावधान किया गया।
विधानसभा सत्र के पहले दिन प्रदेश सरकार ने एक अध्यादेश सहित नौ विधेयक सदन में पेश किए। उत्तराखंड माल और सेवा कर संशोधन अध्यादेश को पटल पर रखा गया। इसके अलावा कई आयोग व विभागों की वार्षिक रिपोर्ट सदन में रखी। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने अध्यादेश, विधेयक व वार्षिक रिपोर्ट को सदन में पेश किया। उत्तराखंड माल और सेवा कर संशोधन अध्यादेश को सदन में रखा गया। साथ ही उत्तराखंड सिंचाई जल निकासी विधेयक, उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरादायित्व और बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, उत्तराखंड निवेश व आधारित संरचना विकास और विनियमन संशोधन विधेयक, उत्तराखंड जन विश्वास उपबंधों का संशोधन विधेयक, अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम विधेयक, शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक, सिविल विधि संशोधन विधेयक, अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, माल और सेवा कर संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय द्वितीय संशोधन विधेयक को सदन में पेश किया। इसके अलावा उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक लेखा विवरण, सूचना का अधिकार अधिनियम की वार्षिक प्रतिवेदन, उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट सदन पटल पर रखी।
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