आरक्षण खत्म नहीं हो सकता। कुछ लोग केवल भ्रम फैला रहे हैं। बाबा साहब ने सबसे निचले पायदान पर रहने वालों को मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण किया है। यह बात पंचायती राज मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कही। वे रविवार को भागीदारी पार्टी की ओर से महाराजा दक्ष प्रजापति की जयंती पर आयोजित जन अधिकार रैली में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जो लोग डीएम, एसपी, विधायक, सांसद, राज्यपाल, राष्ट्रपति बन गए उनको कोटे की क्या जरूरत। उन्होंने कहा कि वह आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन कोटा में कोटा नहीं होना चाहिए।
जन अधिकार रैली में पहुंचे सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कांग्रेस, सपा और बसपा पर जमकर हमला बोला। कहा कि इन तीनो दलों ने केवल प्रजापति समाज का वोट लिया। उनको भागीदारी नहीं दी। सिर्फ अपने लोगो को सांसद और विधायक बनाया है। भागीदारी पार्टी से जुड़कर जब किसी पद पर पहुंचेंगे तो अपने लोगो की मदद करेंगे। कहा कि भागीदारी पार्टी को भी सरकार में शामिल करने के लिए एनडीए गठबंधन के साथ लाया जाएगा।
सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव समय-समय पर पीडीए की कई परिभाषा बताते रहते हैं। प्रदेश में हुई कई हत्याओं में सपा के नेताओं का नाम आया है। मुलायम सिंह यादव को नेता चौधरी चरण सिंह ने बनाया था। विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिल सकती। कांग्रेस पार्टी के वंदे मातरम् के दो छंद गाने पर कहा कि कांग्रेस हो या सपा, यह लोग संविधान को नहीं मानते। देश संविधान से चलता है। भारत में रहना है तो वंदे मातरम् गाना होगा, नहीं विदेश चले जाएं।
सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि चवन्नी ने ही सपा को 47 से 120 तक पहुंचा दिया था। प्रदेश में कांग्रेस व सपा 2017 में साथ मिलकर चुनाव लड़े थे। 2022 मे पल्लवी पटेल, सुभासपा और जयंत चौधरी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। उस दौरान सपा अध्यक्ष ने उनके साथ ही पल्लवी पटेल व जयंती चौधरी को धोखा दिया था। खुद की पार्टी की सीट बांट नहीं पा रहे और एनडीए की सीटें बांट रहे हैं। उन्होंने जनसभा में जनसमुदाय से शिक्षा, संगठन एवं सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का आह्वान किया।
सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि भागीदारी पार्टी में लीडर बनें, लोडर नहीं। समाज के लोग अपने अधिकारों व समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर कार्य करें। अगर किसी गरीब व्यक्ति के साथ उत्पीड़न होता है। थाना, तहसील सहित किसी भी स्तर पर समस्या आती है, तो इसकी जानकारी जनप्रतिनिधि एवं पार्टी के पदाधिकारियों को दें, ताकि समस्या समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कहा कि पंचायती राज विभाग के माध्यम से पात्र परिवारों को आवास सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। महिलाओं की राजनीतिक एवं सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज की प्रगति के लिए महिलाओं को समान अवसर व अधिकार मिलना जरूरी है।
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