बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले नंदलाल साहनी नेपाल के रसुवा जिले में कबाड़ की दुकान चलाते थे। नेपाल में जल प्रलय के बीच नंदलाल भी लापता हो गए। बाढ़ के बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। उनका 11 साल का बेटा धर्म कुमार अपने तीन भाइयों के साथ किसी तरह जान बचाकर निकलने में सफल रहा। अब धर्म कुमार अपने लापता पिता की तलाश में कुशीनगर के मदनपुर सुकरौली और भैंसहा इलाके के ठोकरों तक पहुंचा है। वह नदी पर आंख गड़ाए अपने पिता की तलाश कर रहा है। जिस गंडक नदी के किनारे कभी मछुआरे मछली और लकड़ी तलाशते थे, आज वही नदी लोगों को अपनों की जिंदगी के निशान खोजने पर मजबूर कर रही है।
उधर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ के क्रम में अधिकारियों से हालात पर नजर रखने और अपनी तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार की शाम गोरखनाथ मंदिर में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ की मॉनीटरिंग करते रहें। नेपाल के हालात पर भी नजर बनाए रखें। यदि बाढ़ की स्थिति बनती है तो उसके लिए तैयारी कर लें। जिन गांवों में पानी आया है, वहां बाढ़ प्रभावित लोगों की सुविधा का ख्याल रखा जाए। किसी को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
नेपाल में आई बाढ़ के तीसरे दिन गंडक नदी के जलस्तर में फिर से वृद्धि हो रही है। पानी का डिस्चार्ज बढ़ने से कुशीनगर में छितौनी बांध के संवेदनशील हिस्सों पर खतरा बढ़ गया है। तिब्बत सीमा पर शुक्रवार को प्राकृतिक झील टूटने से रात में अधिक पानी आने की आशंका में सीमावर्ती गांवों में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है। प्रशासन की टीम लगातार निगरानी में जुटी है।
महराजगंज में गंडक नदी का जलस्तर गुरुवार शाम से स्थिर है, लेकिन नेपाल से आने वाले पानी को लेकर अभी भी खतरा बना हुआ है। शुक्रवार को सुबह नारायणी गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बैराज पर जलस्तर घटकर 99800 क्यूसेक हो गया था। लेकिन शाम चार बजे मामूली बढ़त के साथ डिस्चार्ज 102100 क्यूसेक पहुंच गया, जो कि खतरे के निशान 359.80 फुट से नीचे 350.60 फुट पर है। रात में अधिक पानी आने की आशंका से सीमावर्ती गांवों में हाईअलर्ट है।
कुशीनगर में नेपाल में आई बाढ़ के वक्त गंडक में डिस्चार्ज बढ़कर करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पहुंच गया था। अगले दिन गुरुवार को डिस्चार्ज घटने से खड्डा रेता क्षेत्र में बाढ़ का खतरा टल गया था। शुक्रवार को नदी का डिस्चार्ज फिर बढ़ने लगा। गुरुवार के 88 हजार क्यूसेक के सापेक्ष शुक्रवार को डिस्चार्ज बढ़कर 1 लाख 2 हजार क्यूसेक हो गया। इसका असर यह है कि नदी छितौनी बांध के भेडियारी ठोकर नम्बर तीन के समीप दबाव बना रही है। बांध के संवेदनशील प्वाइंट्स पर खतरा बढ़ गया है। हालांकि, बाढ़ खंड विभाग का दावा है कि इतने डिस्चार्ज से बाढ़ का खतरा नहीं है।
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