धनतेरस के पावन अवसर पर भारतीय परिवारों में सोने और चांदी की खरीदारी को समृद्धि और लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस वर्ष का धनतेरस पिछले वर्षों के मुकाबले एक अलग वित्तीय तस्वीर पेश कर रहा है। जहां धनतेरस 2021 से धनतेरस 2026 के बीच घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में लगभग 192 प्रतिशत का अभूतपूर्व उछाल देखा गया था, वहीं जनवरी 2026 में ₹1,80,000 प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई को छूने के बाद कीमतों में 22 प्रतिशत से अधिक की तीखी गिरावट आई है। चांदी के दामों में भी जनवरी के उच्चतम स्तर से 56 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस मूल्य संशोधन ने उन निवेशकों के लिए नए अवसर खोले हैं जो पिछली रैली में शामिल नहीं हो सके थे।
धनतेरस के कारोबारी दिन बाजार खुलते ही कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी का रुझान देखा गया। सुबह घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव ₹1,820.00 (1.260%) की गिरावट के साथ ₹1,42,640.00 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, 1 किग्रा चांदी की कीमत ₹2,680.00 (1.430%) घटकर ₹1,84,860.00 प्रति किग्रा दर्ज की गई। बाजार में जारी इस तात्कालिक गिरावट ने त्योहारी खरीदारी करने वाले रिटेल खरीदारों और लंबी अवधि के निवेशकों को एक नया खरीदारी अवसर प्रदान किया है।
सोने की शुद्धता
1 किलोग्राम
नोट: सभी कीमतें रुपये में हैं। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज और लागू जीएसटी अतिरिक्त हो सकते हैं।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, व्यक्तिगत उपयोग के लिए सोना खरीदने और रिटर्न के लिए निवेश करने के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए:
वर्ष / अवधि
सोने का भाव (₹ प्रति 10 ग्राम)
सालाना रिटर्न / बदलाव
प्रमुख घटनाक्रम
सोने में अच्छी तेजी, निवेशकों को शानदार रिटर्न
सोने में गिरावट, निवेशकों के धैर्य की परीक्षा
कोरोना संकट के बीच सोने में जोरदार उछाल
17 अक्टूबर 2025
सोने ने ऐतिहासिक तेजी के साथ नया स्तर छुआ
सोना रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब, तेजी का सिलसिला जारी
सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGBs) को पहले भौतिक सोने का सबसे बेहतर विकल्प माना जाता था क्योंकि यह सोने की कीमत में वृद्धि के साथ-साथ एक निश्चित ब्याज भी प्रदान करता था। हालांकि, फरवरी 2024 के बाद से सरकार द्वारा कोई नई एसजीबी किश्त (Fresh Tranche) जारी नहीं की गई है। इसलिए, नए निवेशकों को इन बॉन्ड्स को खरीदने के लिए केवल सेकेंडरी मार्केट (द्वितीयक बाजार) पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का सुझाव है कि निवेशकों को एक ही कीमत पर पूरा आवंटन करने के बजाय किश्तों में खरीदारी अपनानी चाहिए। आभूषणों की खरीदारी केवल व्यक्तिगत जरूरतों तक सीमित रखनी चाहिए, जबकि निवेश संबंधी निर्णय तरलता, शुद्धता और कुल पोर्टफोलियो आवंटन को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण वाले ब्रोकरेज हाउस मौजूदा निचले स्तरों को एक्युमुलेशन का अच्छा मौका मान रहे हैं:
धनतेरस पर सोने-चांदी के दामों में आई गिरावट त्योहारी खरीदारों और निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है। यदि आप शुद्ध निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो कम लागत और उच्च पारदर्शिता के कारण गोल्ड ईटीएफ एक बेहतर विकल्प साबित होता है। अनिश्चितता के दौर में एकमुश्त निवेश के बजाय किश्तों में खरीदारी की रणनीति अपनाना ही समझदारी होगी।
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