पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मैकडॉनल्ड्स और डोमिनोज के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। डोमिनोज में करीब 32 हजार रुपये कीमत की 160 खराब पिज्जा स्क्रीन नष्ट की गईं। स्वच्छता और भंडारण संबंधी कमियों पर 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया।
बिहार की राजधानी पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को मैकडॉनल्ड्स फैमिली रेस्टोरेंट और डोमिनोज के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान डोमिनोज में करीब 32 हजार रुपये कीमत की 160 खराब पिज्जा स्क्रीन मिलीं, जिन्हें मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश दिए गए और 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया। खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भंडारण व्यवस्था, कीट नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की।
मैकडॉनल्ड्स में मिलीं स्वच्छता संबंधी कमियां पटना के ईस्ट गांधी मैदान स्थित मैकडॉनल्ड्स फैमिली रेस्टोरेंट के निरीक्षण के दौरान भंडार गृह की साफ-सफाई संतोषजनक मिली। कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र भी उपलब्ध थे। हालांकि, कचरे का डिब्बा खुला पाया गया। मुख्य दरवाजे पर कीट नियंत्रण के लिए एंटीसेप्टिक डोरमैट नहीं था। सार्वजनिक मेनू कार्ड पर खाद्य पदार्थों से संबंधित एलर्जी की चेतावनी भी प्रदर्शित नहीं की गई थी।
अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालक को सात दिनों के भीतर इन कमियों को दूर करने, कचरे के डिब्बे को ढककर रखने और कीट नियंत्रण की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत 14 दिनों का सुधार नोटिस भी जारी किया गया। निरीक्षण के दौरान मस्टर्ड सॉस का एक नमूना संग्रहित किया गया।
डोमिनोज में 160 खराब पिज्जा स्क्रीन नष्ट खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एम्बिशन ओझा प्लाजा, कदमकुआं और लोहिया नगर, कंकड़बाग स्थित डोमिनोज के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान ड्रेनेज सिस्टम, कटिंग बोर्ड और शेल्फ की साफ-सफाई में कमियां मिलीं। डीप फ्रीजर के तापमान की निगरानी से संबंधित लॉग बुक और स्टोर में कच्चे माल का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था।
लोहिया नगर, कंकड़बाग स्थित डोमिनोज में करीब 110 और एम्बिशन ओझा प्लाजा, कदमकुआं स्थित प्रतिष्ठान में करीब 50 खराब पिज्जा स्क्रीन मिलीं। इनकी कुल कीमत लगभग 32 हजार रुपये बताई गई है। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 38(4) के तहत इन्हें मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया।
निरीक्षण में पानी जमा होने, ग्राहकों के इस्तेमाल के लिए रखी सॉस की बोतलों की समुचित सफाई नहीं होने और कीट नियंत्रण रिपोर्ट में निर्धारित तिथि का उल्लेख नहीं होने जैसी कमियां भी पाई गईं। अधिकारियों ने दोनों प्रतिष्ठानों को वेज और नॉन-वेज खाद्य पदार्थ अलग-अलग रखने का निर्देश दिया।
सुधार नहीं होने पर लाइसेंस हो सकता है रद्द खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को ड्रेनेज सिस्टम में सुधार करने, मेनू कार्ड पर एलर्जी संबंधी चेतावनी प्रदर्शित करने तथा तापमान लॉग बुक, कच्चे माल के रिकॉर्ड और कीट नियंत्रण रिपोर्ट नियमित रूप से संधारित करने का निर्देश दिया है।
प्रतिष्ठान संचालकों को 14 दिनों के भीतर कमियों को दूर कर अनुपालन का प्रमाण संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का पालन करने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण तथा कीट नियंत्रण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। विभाग के अनुसार, आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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