लोगों में आईफोन 18 प्रो को खरीदने का क्रेज जोरों पर है। लेकिन नए आईफोन की कीमत इतनी है कि ये फोन आपके घर बजट बिगाड़ सकता है। कई लोग इसे ईएमआई पर खरीदने की सोच रहे हैं, लेकिन इससे पहले ये जान लेना चाहिए कि हर महीने EMI चुकाने के लिए इन-हैंड सैलरी कितनी होनी चाहिए, ताकि घर का बजट न बिगड़े। आइए जानते हैं...
भारत में एपल की नई आईफोन 18 प्रो सीरीज लॉन्च होते ही इसे खरीदने की होड़ मच गई है। तकनीक के शौकीनों और युवाओं के बीच इस फ्लैगशिप स्मार्टफोन का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। हालांकि, करीब 1,64,900 रुपये की भारी-भरकम शुरुआती कीमत वाले इस प्रीमियम फोन को खरीदने से पहले जेब का हिसाब लगाना बेहद जरूरी है।
अक्सर लोग सामाजिक दबाव या शौक में आकर महंगे गैजेट्स खरीद तो लेते हैं, लेकिन बाद में उनका मासिक बजट गड़बड़ा जाता है। ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि आपकी मासिक सैलरी कितनी होनी चाहिए ताकि इस फोन को खरीदना वित्तीय समझदारी कहलाए।
फाइनेंशियल एडवाइजर्स का मानना है कि किसी भी फोन या लाइफस्टाइल गैजेट पर आपकी एक महीने की कुल इन-हैंड सैलरी के आधे से ज्यादा खर्च नहीं होना चाहिए। स्मार्टफोन एक ऐसी संपत्ति है जिसका मूल्य समय के साथ तेजी से घटता है। अगर आप बिना किसी ईएमआई के पूरे पैसे एकमुश्त देकर आईफोन 18 प्रो खरीदना चाहते हैं, तो आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी कम से कम 2.5 लाख से 3 लाख रुपये होनी चाहिए। इस स्तर की कमाई पर 1.5 लाख से ज्यादा का एकमुश्त खर्च आपके इमरजेंसी फंड, बचत और बुनियादी मासिक खर्चों को प्रभावित नहीं करता।
ज्यादातर भारतीय खरीदार महंगे आईफोन खरीदने के लिए नो-कॉस्ट ईएमआई या क्रेडिट कार्ड किस्तों का सहारा लेते हैं। अगर आप 1,64,900 रुपये की कीमत वाले बेस मॉडल को 12 महीने की ईएमआई पर लेते हैं, तो हर महीने लगभग 13,800 से 14,000 रुपये की किस्त बनेगी। वहीं, अगर यह किस्त 6 महीने की अवधि के लिए चुनी जाती है, तो हर महीने करीब 27,500 रुपये चुकाने होंगे।
वित्तीय अनुशासन का सामान्य नियम यह कहता है कि किसी भी गैर-जरूरी गैजेट की मासिक किस्त आपकी कुल इन-हैंड सैलरी के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस फॉर्मूले के हिसाब से, 12 महीने की ईएमआई चुकाने के लिए आपकी इन-हैंड मासिक सैलरी कम से कम 1.4 लाख से 1.5 लाख रुपये होनी चाहिए। सालाना पैकेज के नजरिए से देखें तो यह करीब 18 से 22 लाख रुपये बैठता है।
घरेलू खर्चों को तय करने का 50-30-20 नियम काफी पॉपुलर है। यह नियम कहता है कि आपकी कमाई का 50 फीसदी हिस्सा बुनियादी जरूरतों, 20 फीसदी बचत और निवेश, जबकि 30 फीसदी हिस्सा शौक और लाइफस्टाइल पर खर्च होना चाहिए। अगर किसी की सैलरी 70,000 या 80,000 रुपये है और वह 14,000 रुपये की ईएमआई भरता है, तो उसके जरूरी खर्चे और बचत का दायरा बुरी तरह प्रभावित होता है। ऐसे में अचानक आने वाले मेडिकल या घरेलू खर्चों के लिए कर्ज लेने की नौबत आ सकती है।
यदि आपकी मासिक आय 1.5 लाख रुपये से कम है और आपके पास पर्याप्त इमरजेंसी फंड नहीं है, तो नए आईफोन 18 प्रो पर इतना बड़ा खर्च करने से बचना चाहिए। आप नए आईफोन तुरंत खरीदने का फैसला टाल सकते हैं। इसके बजाय आपको पुराने फोन को ट्रेड-इन एक्सचेंज बोनस पर खरीदने के ऑप्शन पर विचार करना चाहिए। इसके अलावा आप बैंक ऑफर्स या फेस्टिव डिस्काउंट का इंतजार भी कर सकते हैं, जो एक बेहतर वित्तीय फैसला साबित हो सकता है।
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