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चंपारण की धरती अब खेती के साथ दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की दिशा में बढ़ रही है। मोतिहारी में करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित मेगा डेयरी प्लांट को लेकर प्रशासन ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। प्लांट की घोषणा के महज दो घंटे के भीतर ही करीब 29 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित कर ली गई। अब जमीन की पैमाइश, मैपिंग और हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है। जिला मुख्यालय के समीप मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास फुर्सतपुर में स्थित खाता संख्या 109 और 110 की सरकारी गैरमजरूआ जमीन को प्लांट के लिए उपयुक्त माना गया है।
फुर्सतपुर में प्रस्तावित है मेगा डेयरी प्लांट
स्थल चयन के बाद बिहार सरकार के विभागीय सचिव शीर्षत कपिल अशोक और जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने प्रशासनिक और तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जमीन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने केवल जमीन की उपलब्धता ही नहीं देखी, बल्कि मेगा डेयरी प्लांट के लिहाज से पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और जरूरी सुविधाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान भारी वाहनों और दूध टैंकरों की आवाजाही के लिए सड़क की स्थिति, बिजली की उपलब्धता, पानी की व्यवस्था और जल निकासी समेत सुरक्षा तथा पर्यावरण से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की गई।
जमीन की पैमाइश और मैपिंग जल्द पूरी करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने राजस्व अधिकारियों को जमीन का सीमांकन और मैपिंग तत्काल पूरा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डीपीआर और भूमि हस्तांतरण से जुड़ी फाइलों को बिना अनावश्यक देरी के आगे बढ़ाने को कहा गया है। प्रशासन की ओर से परियोजना के लिए चिह्नित जमीन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि मेगा डेयरी प्लांट से जुड़े अगले चरण के काम को आगे बढ़ाया जा सके।
निरीक्षण में कई अधिकारी रहे मौजूद
स्थल निरीक्षण के दौरान नगर विधायक प्रमोद कुमार, एडीएम मुकेश सिन्हा, डीडीसी, सदर एसडीओ, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सीओ समेत राजस्व और डेयरी विभाग के तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में जमीन की स्थिति, परियोजना के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
किसानों और पशुपालकों को मिलेगा बड़ा बाजार
करीब 350 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना केवल एक औद्योगिक इकाई तक सीमित नहीं मानी जा रही है। इसके शुरू होने के बाद चंपारण के हजारों दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों के लिए दूध की खरीद, प्रसंस्करण और विपणन का एक बड़ा नेटवर्क तैयार होने की उम्मीद है। मेगा डेयरी प्लांट के संचालन से स्थानीय स्तर पर दूध की खरीद बढ़ने के साथ पशुपालकों को बेहतर और नियमित बाजार मिल सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में दूध उत्पादन को प्रोत्साहन मिलने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की भी उम्मीद है।
चंपारण में डेयरी क्षेत्र को मिल सकती है नई रफ्तार
चंपारण लंबे समय से कृषि और पशुपालन पर आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है। ऐसे में मेगा डेयरी प्लांट की स्थापना से दूध उत्पादन से जुड़े किसानों और पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। प्रशासन द्वारा जमीन चिह्नित करने से लेकर उसकी पैमाइश, मैपिंग और हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी से संकेत है कि परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में शुरुआती प्रशासनिक काम तेजी से किया जा रहा है।
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