धनतेरस पर सोने‑चांदी की खरीदारी का उत्साह बना हुआ है, लेकिन इस बार बाजार की तस्वीर कुछ अलग है। ज्वैलर्स को बिक्री मूल्य में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जबकि World Gold Council (WGC) के आंकड़े बताते हैं कि महंगे सोने के कारण देश में गहनों की मांग वजन के हिसाब से घट रही है।
धनतेरस को सोना‑चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, इसलिए कीमतें चाहे कितनी भी ऊँची हों, लोग इस दिन कुछ न कुछ खरीदने की योजना बनाते हैं। लेकिन रिकॉर्ड कीमतों और हालिया उतार‑चढ़ाव ने बजट और खरीद निर्णय को प्रभावित किया है। फिर भी ज्वैलर्स को इस त्योहार पर कारोबार बढ़ने की आशा है, जबकि बिक्री राशि और वास्तविक मात्रा में अंतर देखना पड़ सकता है।
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के मुताबिक, इस धनतेरस सोने‑चांदी के गहनों और सिक्कों की बिक्री लगभग 66 000 करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है, जो पिछले साल से लगभग 10 % अधिक है। लेकिन ऊँची कीमतों के कारण ग्राहक कम वजन के गहने खरीदेंगे, इसलिए मात्रा में वृद्धि नहीं हो सकती।
World Gold Council (WGC) के डेटा से पता चलता है कि जुलाई‑सितंबर 2026 में भारत में सोने के गहनों की मांग 20 % घटकर 99.9 टन रही, जबकि खर्च 16 % बढ़कर लगभग ₹1,48,700 करोड़ हो गया। यानी वजन कम, खर्च अधिक।
सोने की कीमतों में गिरावट ने कुछ ग्राहकों को आकर्षित किया है। ज्वैलर्स को उम्मीद है कि पूछताछ बढ़ेगी, पर बजट अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। कुछ लोग शादी के बड़े गहने खरीद रहे हैं, तो कुछ छोटे सिक्के, अंगूठी या अन्य छोटे आइटम चुन रहे हैं। अब ज्वैलरी में विभिन्न बजट के विकल्प देना अनिवार्य हो गया है।
चांदी और डायमंड की मांग भी बढ़ रही है। युवा खरीदार रोज़मर्रा में पहन सकने वाले चांदी के पेंडेंट, अंगूठी, चेन आदि को पसंद कर रहे हैं। बेंगलुरु की रिपोर्ट में बताया गया कि ग्राहक सोने के साथ ही डायमंड और चांदी के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। लेकिन चांदी की कीमतें भी ऊपर जा रही हैं, इसलिए इसे हमेशा सस्ता विकल्प नहीं कहा जा सकता।
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर सोने की खरीदारी तेज़ी से बढ़ रही है। Swiggy Instamart के अनुसार, पिछले 12 महीनों में उसकी प्लेटफ़ॉर्म पर सोने की खरीदारी में 258 % की वृद्धि दर्ज हुई है। छोटे गोल्ड कॉइन जैसे उत्पादों की ऑनलाइन उपलब्धता ने ग्राहकों के लिए एक नया रास्ता खोला है, पर एक प्लेटफ़ॉर्म की वृद्धि पूरे बाजार को नहीं दर्शाती।
सोने में निवेश के विकल्प भी लोकप्रिय हैं। गोल्ड ईटीएफ जैसी योजनाओं में मेकिंग चार्ज नहीं लगता, पर बाजार जोखिम और फंड खर्च होते हैं। फिजिकल गोल्ड में शुद्धता, मेकिंग चार्ज, जीएसटी आदि महत्वपूर्ण हैं, इसलिए दोनों को समान नहीं माना जाना चाहिए।
खरीदारी में शुद्धता पर सतर्क रहना आवश्यक है। इंदौर में भारी धातुओं से वजन बढ़ाने की मिलावट के मामलों की रिपोर्ट मिली है। ग्राहक को हॉलमार्क, HUID नंबर और बिल में शुद्धता, वजन, कीमत व मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
ज्वैलर्स की वित्तीय स्थिति भी महंगे सोने से प्रभावित है। क्रिसिल की रिपोर्ट में संगठित ज्वैलरी रिटेलर्स की स्थिति संभली हुई है, पर स्टॉक में पूँजी फँसने और मांग के स्वरूप में बदलाव प्रमुख चुनौतियाँ बनाते हैं।
निष्कर्षतः, AIJGF 66 000 करोड़ रुपये की बिक्री की उम्मीद करता है, जबकि WGC बताता है कि वजन में गिरावट और खर्च में वृद्धि दोनों ही स्पष्ट हैं। चांदी, डायमंड, गोल्ड कॉइन और ऑनलाइन खरीदारी जैसे विकल्प बाजार में अपना स्थान बना रहे हैं। ग्राहक अब कीमत, डिजाइन और निवेश लाभ को ध्यान में रखकर निर्णय ले रहे हैं, जिससे धनतेरस की वास्तविक बिक्री का आंकड़ा केवल रुपये में नहीं, बल्कि बिके हुए वजन में भी मापा जाएगा।
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