स्वाइन फ्लू को लेकर यूपी में हाईअलर्ट है। मौसम में बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू और कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। लखनऊ के पीजीआई में बीते 15 दिनों के दौरान जांच में स्वाइन फ्लू और कोरोना के 16 मरीज मिले हैं। इनमें एच1एन1 स्वाइन फ्लू के आठ और कोरोना के आठ मरीज शामिल हैं। हालांकि सभी में संक्रमण के हल्के लक्षण मिले हैं और अधिकांश मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी करते हुए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
पीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रूंगमेई एसके मारक के अनुसार, मौजूदा समय इंफ्लुएंजा का है। ऐसे में ओपीडी में कुछ मरीज इन्फ्लुएंजा-लाइक इलनेस (आईएलआई) के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। जांच में एच1एन1 और कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें कुछ मरीज ऑपरेशन से पहले कराई गई जांच में संक्रमित मिले, जबकि अन्य के लक्षणों के आधार पर नमूने लेकर जांच की गई। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों में हल्के लक्षण हैं और फिलहाल कोई मरीज भर्ती नहीं है।
पीजीआई प्रशासन ने लोगों से मास्क लगाने, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने और भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने की अपील की है। सर्दी, जुकाम, बुखार या खांसी जैसे लक्षण होने पर खुद को दूसरों से अलग रखने और डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी गई है। खुद से दवा लेने से बचने को कहा गया है। हालांकि पीजीआई के सीएमएस डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने स्वाइन फ्लू के मरीज भर्ती होने की बात से इनकार किया है। उनके अनुसार, एक कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती था, जो स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हो चुका है। वहीं बलरामपुर अस्पताल में तीन दिन पहले स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत हो चुकी है।
मुरादाबाद में भी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़कर पांच हो गए हैं। शनिवार को लाजपतनगर निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग अधिवक्ता की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्हें तीन दिन पहले बुखार आया था। वरिष्ठ परामर्श चिकित्सक डॉ. विजय अग्रवाल के मुताबिक, उन्हें टेमीफ्लू दी जा रही है और पांच दिन तक निगरानी में रखा गया है। इससे पहले 42 वर्षीय एमबीबीएस डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा 30 और 45 वर्षीय दो महिलाओं तथा 46 वर्षीय एक पुरुष में भी स्वाइन फ्लू मिल चुका है। डॉक्टर की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
बस्ती शहर में भी दो बुजुर्गों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। दोनों की हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ रेफर किया गया था, जहां मेदांता अस्पताल में जांच के बाद संक्रमण की पुष्टि हुई। एक 67 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता की रिपोर्ट 20 अगस्त और 68 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी की रिपोर्ट 22 अगस्त को पॉजिटिव आई। वहीं मेडिकल कॉलेज के ओपेक अस्पताल में भर्ती 50 वर्षीय महिला में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर उसे अलग वार्ड में रखा गया है। उसका नमूना जांच के लिए गोरखपुर भेजा गया है। कॉलेज में जांच के लिए अलग काउंटर भी खोला जा रहा है।
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