चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से आंध्र प्रदेश में तेज़ बारिश और तेज़ हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों और केंद्र शासित प्रदेश यानम में अचानक बाढ़ के खतरे की चेतावनी जारी की है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुसार, इस तूफ़ान में पाँच लोगों की मौत हो गई। सरकार ने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता प्रदान करने का ऐलान किया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के चक्रवात चेतावनी केंद्र ने बापटला, गुंटूर, एनटीआर, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी, सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनकापल्ली, पार्वतीपुरम, मन्यम और पश्चिमी गोदावरी जिलों के लिए फ्लैश बाढ़ अलर्ट जारी किया। यह अलर्ट अगले दिन सुबह 5.30 बजे तक मान्य था।
विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में भारी बारिश से जमीन पहले से ही जलमग्न है, जिससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का जोखिम बढ़ गया है। उत्तर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बड़े हिस्से में समुद्र में ऊँची लहरों की चेतावनी भी जारी की गई थी। कुछ तटीय क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 120 किमी/घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।
बुधवार सुबह 8.30 बजे तक के 24 घंटों में कई जगहों पर अत्यधिक बारिश दर्ज हुई। गरिविडी में 26 सेंटीमीटर, अनकापल्ली, श्रींगवरपुकोटा, वेपाडा और चीपुरुपल्ले में 25 सेंटीमीटर, तथा भीमुनिपट्टनम, मेंटाडा और येलमंचिली में 24 सेंटीमीटर बारिश हुई।
मछलीपट्टनम में हवा की अधिकतम रफ्तार 96 किमी/घंटा दर्ज की गई, जबकि विशाखापत्तनम और काकीनाडा में 80 किमी/घंटा की रफ्तार रही।
मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात ने बुधवार सुबह 8 बजे तक तट से टकराकर अपनी गति समाप्त कर ली थी और अब उत्तर‑पश्चिम दिशा में धीरे‑धीरे कमजोर हो रहा है। फिर भी राज्य के कई हिस्सों में 3 नवंबर तक बारिश और गरज‑बज्र की संभावना बनी हुई है।
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि विशाखापत्तनम में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हुई, अनकापल्ली और भीमुनिपट्टनम में एक‑एक व्यक्ति की मौत हुई। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का वादा किया।
राहत कार्यों के तहत जलभरे घरों को 25 किलो चावल, बुनकरों और मछुआरों को 50 किलो चावल के साथ 1 किलो प्याज, खाद्य तेल और अरहर की दाल दी जाएगी। साथ ही प्रभावित लोगों को प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये की आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
सरकार कृषि और बागवानी फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर रही है। नारियल के बागानों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है; फसल नुकसान के मुआवजे का निर्णय आकलन के बाद किया जाएगा, जबकि राहत राशि गुरुवार से वितरण शुरू की जाएगी।
नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र से सहयोग माँगा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रभावित परिवारों तक समय पर मदद पहुंचाना, आवश्यक सेवाओं को पुनः स्थापित करना और लोगों का भरोसा बनाये रखना है।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!