आगरा के गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में एक अनोखा दृश्य देखा गया – 60‑65 साल की उम्र के दोस्त, सफ़ेद शर्ट‑काली पैंट और पानी की बोतल साथ लेकर, बिल्कुल छठी क्लास के बच्चों की तरह स्कूल के गलियारे में कदम रख रहे थे।
कुछ ने गेट से दौड़ते हुए प्रवेश किया, तो कुछ दोस्त‑दोस्त मिलकर गानों पर नाचते‑गाते क्लास तक पहुँचे। क्लासरूम में बेंच पर बैठते ही पुरानी शरारतें फिर से शुरू हो गईं, और फिर वे सभी स्कूल के मैदान में पिठ्ठू (सात पत्थरों) और गिल्ली‑डंडा खेलने लगे।
उम्र 60‑65 साल होने के बावजूद उनके चेहरे पर वही उत्साह दिख रहा था, जो स्कूल के दिनों में था। कुछ दोस्तों ने हाथ पकड़कर मस्ती की, तो कोई रेलगाड़ी बनाकर दौड़ता दिखा।
यह सब 2019 में राकेश नागर, राजा मंडी गोकुलपुरा के निवासी, ने अपने यूट्यूब चैनल “भूत का अंडा” के लिए बनाया था। उस समय वीडियो को लगभग 1500 व्यू मिले थे। हाल ही में उसी वीडियो के कुछ हिस्सों को नया वॉइस‑ओवर देकर इंस्टाग्राम पर दोबारा पोस्ट किया गया, जिससे फिर से लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ और शेयर की संख्या बढ़ी।
वीडियो में लगभग 30 पुराने दोस्त शामिल थे – रिटायर्ड IPS अधिकारी, डॉक्टर, अकाउंटेंट, शिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोग। जीवन ने उन्हें अलग‑अलग राहों पर ले गया, लेकिन स्कूल की दोस्ती ने उन्हें फिर से एक साथ लाया।
इनका ग्रुप अचानक नहीं बना। लगभग 10 साल पहले केशव शर्मा ने व्हाट्सएप पर एक पुरानी कक्षा का ग्रुप बनाया, जिसमें धीरे‑धीरे अन्य सहपाठी जुड़ते गए। एक दिन राकेश ने इस ग्रुप में स्कूल की यादों को फिर से जीवंत करने का आइडिया पेश किया, जिसे सभी ने सराहा और स्कूल में लौटने का फैसला किया।
शूटिंग के लिए स्कूल की अनुमति पहले नहीं मिली। लेकिन शिक्षक डॉ. जनक सिंह सिसोदिया ने प्रिंसिपल को पूरी बात समझा दी, जिसके बाद अनुमति मिल गई और दोस्तों ने अपने बचपन को कैमरे में कैद कर लिया।
राकेश ने बताया कि वह इस स्कूल में 1971 में छठी क्लास में दाखिला लिया था और 1976 में दसवीं पास की। स्कूल के दिनों में वह मंच पर अभिनय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते थे, बाद में विभिन्न पेशों में काम किया और गायन में भी रुचि ली।
वीडियो की खास बात सिर्फ बुजुर्गों का यूनिफॉर्म पहनकर बच्चों की तरह खेलना नहीं, बल्कि दशकों बाद भी बनी रही दोस्ती है। ये दोस्त आज भी एक‑दूसरे के सुख‑दुख में शामिल होते हैं और समय‑समय पर मिलते रहते हैं। वीडियो में उनकी हँसी, मस्ती और खेल के बीच पाँच दशक पुरानी दोस्ती साफ़ दिखती है।
जिंदगी ने उन्हें जिम्मेदारियाँ और उम्र दी, लेकिन स्कूल की घंटी, दोस्तों की शरारत और बचपन की यादें अभी भी वैसी ही हैं। यही कारण है कि सात साल पहले बना यह वीडियो अब फिर से लोगों को अपने बचपन और पुराने दोस्तों की याद दिला रहा है।
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