बिहार में बाढ़ का प्रकोप बरकरार है। पुनपुन नदी में बढ़े जलस्तर के कारण पटना-गया रेलखंड पर रेल परिचालन प्रभावित हो गया है। पुनपुन-परसा बाजार के बीच पुल संख्या-21 पर पानी का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद रेलवे ने एहतियातन इस पुल से ट्रेनों का परिचालन रोक दिया है। इसके चलते मंगलवार को गया-पटना और पटना-गया के बीच चलने वाली 10 मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। वहीं, आठ ट्रेनों का मार्ग बदलकर चलाने का फैसला लिया गया है।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे की ओर से सोमवार शाम जारी आदेश के अनुसार, पुल संख्या-21 के किमी 11/38-32 पर इंजीनियरिंग विभाग की ओर से 4 सितंबर की रात 8:10 बजे से परिचालन निलंबित है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी। पानी के स्तर और पुल की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने यह कदम उठाया है।
8 सितंबर को ट्रेन संख्या 63242 गया-पटना, 63258 गया-पटना, 63245 पटना-गया, 63396 गया-पटना, 63248 गया-पटना, 63243 पटना-गया, 63259 पटना-गया, 63393 पटना-गया, 63250 गया-पटना और 63253 पटना-गया मेमू का परिचालन रद्द।
रेलवे ने कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक रेलखंड से चलाने का निर्णय लिया है। 18625 कोसी-बरौनी-हटिया एक्सप्रेस और 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस को क्रमश: बख्तियारपुर-किऊल-कटिहार और बख्तियारपुर-पीएमआई-तिलैया-राजगीर-किऊल होकर चलाया जाएगा। इसके अलावा 13329 धनबाद-पटना एक्सप्रेस, 13330 पटना-धनबाद एक्सप्रेस, 15137 रांची-दुर्ग एक्सप्रेस और 15138 बरौनी-रांची एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया गया है।
63390 एनडब्ल्यूडी-पटना मेमू, 63389 पटना-एनडब्ल्यूडी मेमू, 63391 इस्लामपुर-पटना मेमू और 63392 पटना-इस्लामपुर मेमू को भी धनबाद-फतुहा-पटना-जहानाबाद की बजाय निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर कम होने और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही इस रेलखंड पर सामान्य परिचालन बहाल किया जाएगा।
बाढ़ से आम जनों को रही समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर तरह की सहूलियत मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, इलाज, पढ़ाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आगे स्थिति सामान्य होने के बाद एक-एक घर की जांच कर बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। साथ ही प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत प्रदान की जाएगी। बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को वैशाली एवं सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। साथ ही हाजीपुर तथा सोनपुर में संचालित राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोगों को आपदा से निजात दिलाने की व्यवस्था और बाढ़ प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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