पीलीभीत के अमरिया में पुलिस सक्रियता के दावों के बीच गजरौला फार्म की 90 एकड़ जमीन पर कब्जे को लेकर सोमवार को हथियारों के साथ बिलासपुर, गदरपुर, बाजपुर, हल्द्वानी और किच्छा क्षेत्र के लोगों की भीड़ पहुंच गई। 15 कारों और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे 70-80 लोगों के बीच राइफलें, बड़ी संख्या में कारतूस और तलवारें थीं।
अतिरिक्त फोर्स को बुलाना पड़ा दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और धमकी की स्थिति बनने पर 112 पर सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने के बाद भीड़ को हटाने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख थाना पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। अतिरिक्त फोर्स मौके पर पहुंची तो आरोपी पक्ष में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच राइफल, एक पिस्टल और करीब 60 कारतूस समेत कई तलवारें बरामद की। सात कार और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी पुलिस ने कब्जे में लीं। 37 लोगों को हिरासत में लिया गया। अन्य भाग गए। जानकारी पर सीओ सदर नताशा गोयल थाने पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस की जांच में सामने आया कि हल्द्वानी निवासी नरवैल सिंह ने गजरौला फार्म में 90 एकड़ जमीन खरीदी थी। जिसको बिना पुलिस-प्रशासन के बताए कब्जा करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि दो घंटे तक ट्रैक्टरों से जोताई की गई।
15 दिन से रेकी, फिर एक साथ पहुंची भीड़ श्रवण के अनुसार, फार्म के आसपास पिछले करीब 15 दिनों से दो गाड़ियां घूम रही थीं। लगातार रेकी के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में लोग एक साथ फार्म पर पहुंच गए। उनका कहना है कि भीड़ कई घंटे तक मौके पर मौजूद रही। सैकड़ों लोगों की आवाजाही के बावजूद पुलिस को पहले से इसकी भनक नहीं लग सकी। सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। राजस्व बोर्ड में चल रहा 90 एकड़ जमीन का विवाद गजरौला फार्म की करीब 90 एकड़ जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद राजस्व बोर्ड प्रयागराज में विचाराधीन है। जमीन मालिक पक्ष के मुताबिक दोनों मामलों में फिलहाल स्टे है। उनका कहना है कि तत्कालीन एसडीएम की ओर से धारा 134 के तहत वाद दायर किया गया था। इसके बाद कब्जे को लेकर आदेश हुआ, जिसके खिलाफ बरेली मंडलायुक्त के यहां अपील की गई।
पीड़ित पक्ष की समझदारी से बचा बड़ा मामला श्रवण दत्त सिंह का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद हथियारों के साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों का फार्म पर पहुंचना गंभीर है। समय रहते 112 पर सूचना देने और मौके पर मौजूद लोगों के संयम से मामला बड़े टकराव में बदलने से बच गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि अमरिया तहसील के पूर्व एसडीएम ने कब्जे का आदेश कर दिया था। जिसकी अपील आयुक्त बरेली मंडल के यहां की गई। उन्होंने एसडीएम की कार्यप्रणाली की जांच करने की मांग भी की। जांच में मिले लाइसेंसी असलहे, एक-एक लाख रुपये से आरोपी मुचलका पाबंद एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि मामले में 37 लोगों को पकड़ा गया। तहरीर के आधार पर कार्रवाई कराई जा रही है। पकड़े गए लोगों को एक-एक लाख रुपये से मुचलका पाबंद किया गया है। बरामद असलहा लाइसेंसी है। सभी की जांच की जा रही है।
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