राजधानी में बृहस्पतिवार से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी दिन-रात जारी रही। लगातार बारिश और तेज हवाओं से लखनऊ का मौसम अचानक ठंडा हो गया। गोमतीनगर, महानगर, इंदिरानगर, आलमबाग और पुराने लखनऊ समेत कई इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा। सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का यह बदला मिजाज ऐसा रहा कि शुक्रवार को दिन भर सूर्य देव बारिश और बादलों की ओट में दुबके रहे। दिन भर बदली छाई रही और दोपहर भी लोगों को ठंड का अहसास हुआ। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 10 डिग्री कम है। बारिश और हवाओं के कारण दिन का तापमान तेजी से नीचे आया। न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक शनिवार को बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। शुक्रवार देर शाम लखनऊ के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया।
लखनऊ में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सितंबर के मापन इतिहास में 25 सितंबर को दिन का तापमान दूसरी बार इतना नीचे गया है। इससे पहले 2007 में इसी तारीख को 23 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। शुक्रवार का तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री कम रहा।
रेड अलर्ट - अति भारी बारिश- तराई के 8 जिले। इनमें श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर शामिल हैं। ऑरेंज अलर्ट : भारी से बहुत भारी बारिश - 12 जिले। इनमें बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं शामिल हैं। येलो अलर्ट - भारी बारिश - 39 जिले। इनमें कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, कुशीनगर, महाराजगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, कासगंज, मैनपुरी, इटावा और औरैया शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र (डिप्रेशन) के कारण उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, लखनऊ, कानपुर नगर और फतेहपुर समेत कई जनपदों के वाटरशेड (जलग्रहण) क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की आशंका को देखते हुए राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसके अलावा तेज आंधी और वज्रपात (बिजली गिरने) के खतरे से बचाव के लिए प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे, पेड़ के नीचे या पार्कों में न रुके।
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