उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 11 सीटों के चुनाव के लिए शुक्रवार को 14.81 लाख मतदाता मतदान करेंगे। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक 72 जिलों में 259 बूथों पर होगा।
विधान परिषद के पाँच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए मतदान का आयोजन किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर सभी जनपदों में मतदान कराया जाएगा।
लखनऊ के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1,16,491 मतदाता मतदान करेंगे। 259 बूथों पर बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे रमाबाई रैली स्थल से पोलिंग पार्टियों ने मतपेटिका और मतपत्र के साथ रवाना हुईं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 96,070 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 20,421 मतदाता हैं। सरोजनीनगर में सबसे अधिक 16,935 मतदाता हैं, इसके बाद लखनऊ पूर्व 15,740, बख्शी का तालाब 13,457, लखनऊ उत्तर 11,791 और लखनऊ पश्चिम 11,052 मतदाता हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सरोजनीनगर 3,585, लखनऊ पश्चिम 3,383 और लखनऊ उत्तर 3,253 मतदाता हैं। मतदाता पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है; सील मतपेटियाँ रमाबाई रैली स्थल के संग्रहण केंद्र में पहुँचाई जाएंगी। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
मतदाता कार्ड न होने पर आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी सेवा पहचान पत्र, डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, यूडीआईडी कार्ड आदि वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक मान्य होगा। मतपत्र पर निशान लगाने के लिए बैंगनी रंग का स्केच पेन ही प्रयोग करना अनिवार्य है।
बूथ के 100 मीटर के दायरे में टेबल, पोस्टर, झंडे, लाउडस्पीकर और प्रचार सामग्री प्रतिबंधित रहेगी। अनधिकृत वाहन खड़े करने और भीड़ जुटाने की भी अनुमति नहीं होगी।
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को चुनाव आयोग के आश्वासन पर लखनऊ डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव में मतदान की कार्यवाही की निरंतर वीडियोग्राफी की मांग वाली याचिका का निपटारा कर दिया। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने अदालत को आश्वासन दिया कि रिटर्निंग अफसरों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार वीडियोग्राफी की जाएगी।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने प्रतिवादियों की ओर से दिए गए आश्वासन के आधार पर 22 अक्टूबर को याचिका का निपटारा कर दिया। याचिकाकर्ता शैलेंद्र सिंह, जो लखनऊ डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, ने मतदान की पारदर्शिता के लिए लगातार वीडियोग्राफी की मांग की थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों पर, केंद्रीय चुनाव आयोग के वरिष्ठ वकील ने पहले ही कोर्ट को बताया कि उपरोक्त पुस्तिका के अनुच्छेद 49 के अनुपालन के लिए प्रावधान किया गया है और वीडियोग्राफी उक्त पुस्तिका के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। खंडपीठ ने यह कथन दर्ज करते हुए याचिका का निपटारा किया।
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