बेगूसराय के सिमरिया धाम में 18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक राजकीय कल्पवास मेला लगेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ, पुलिस, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य शिविर, 24 घंटे एंबुलेंस, स्वच्छता और निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
बिहार के बेगूसराय स्थित सिमरिया धाम में लगने वाले राजकीय कल्पवास मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गंगा तट पर आयोजित होने वाले इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और यातायात की व्यापक व्यवस्था की है। गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, खतरनाक स्थलों की पहचान, एसडीआरएफ की तैनाती और 24 घंटे एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था की जाएगी।
18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक चलने वाले मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी रिची पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक मनीष ने सिमरिया धाम का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।
नमामि गंगे सीढ़ी घाट और गंगा के जलस्तर में बदलाव के कारण कटाव की आशंका वाले स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को निर्धारित वर्दी, पहचान पत्र और सीटी के साथ मुस्तैद रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की पैनी नजर मेले में भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल में महिला पुलिसकर्मियों के साथ लाठी पार्टी और राइफल पार्टी भी शामिल रहेंगी।
महिलाओं के साथ छेड़खानी, चेन स्नैचिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए सादे लिबास में भी पुलिसकर्मी निगरानी करेंगे। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए डीएसपी ट्रैफिक और जिला परिवहन पदाधिकारी को आपसी समन्वय से यातायात व्यवस्था संचालित करने का निर्देश दिया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेगी एंबुलेंस मेले के दौरान स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं से लैस स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। सिविल सर्जन के निर्देशन में चिकित्सा व्यवस्था संचालित होगी। प्रशासन ने 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा निरीक्षक नियमित जांच करेंगे। इसके साथ ही मेले में पान मसाला और गुटखा की बिक्री तथा उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। स्वच्छता, बिजली और एलपीजी आपूर्ति की भी होगी व्यवस्था श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सफाईकर्मियों की अलग-अलग पालियों में तैनाती की जाएगी। मेला परिसर और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। सभी दुकानदारों के लिए डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। खुले में शौच पर रोक लगाने के साथ मच्छरों से बचाव के लिए नियमित फॉगिंग भी कराई जाएगी।
कल्पवासियों और साधु-संतों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ विद्युत तारों को सुरक्षित रखने और निर्धारित दर पर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। संबंधित विभागों के अधिकारी इन व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। डीएम ने समय पर तैयारी पूरी करने का दिया निर्देश जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय पर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। प्रशासन का उद्देश्य है कि सिमरिया धाम आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में धार्मिक अनुष्ठान कर सकें और उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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