राजधानी पटना में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस सीजन में मंगलवार की देर रात बुद्धमार्ग स्थित कमला नेहरू नगर के 28 वर्षीय युवक मो. खुशियाल की मौत डेंगू से हो गई। उसका इलाज कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, खुशियाल करीब 20 दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था और इलाज के दौरान प्लेटलेट्स लगातार गिर रहा था। चिकित्सक ने डेंगू होने की आशंका जताई थी। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चलेगा।
कमला नेहरू नगर की निवासी शमीना खातून का कहना है कि मो. खुशियाल लकड़ी का कारोबार करता था। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने से पहले उसको काफी तेज बुखार था, जब दवा खाता था तो ठीक हो जाता था और बाद में स्थिति फिर जस की तस हो जाती थी। वहीं घरवालों के मुताबिक उसका प्लेटलेट्स लगातार गिर रहा था। बता दें कि हफ्ते भर पहले कुर्जी निवासी 30 वर्षीय इंद्रदेव की डेंगू संक्रमण से मौत की बात सामने आई थी।
24 घंटे में डेंगू के नौ नये मरीज मिले हैं। इनमें दो कंकड़बाग, एक नूतन राजधानी अंचल, एक पाटलिपुत्र सहित अन्य इलाकों से नौ मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस साल अबतक पटना में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 215 के पार पहुंच चुकी है। डेंगू-मलेरिया पदाधिकारी सुभाष प्रसाद के मुताबिक सितंबर के शुरुआती आठ दिनों में ही 36 मरीजों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है।
सितंबर से नवंबर तक का समय डेंगू के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में इस तीन महीने अधिक अलर्ट रहने की जरूरत है। घरों के आसपास जमा पानी, खुले कंटेनर, गमले और अन्य स्थानों पर जमा पानी डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है।
डेंगू लक्षण भी बदल रहा है। डेंगू का बुखार एक बार ठीक होने के बाद दोबारा मरीजों को जकड़ रहा है। दोबारा बीमार होने वाले मरीजों की जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। फिर से बुखार होने से पस्त मरीजों का प्लेटलेट्स व डब्ल्यूबीसी काउंट तेजी से गिरकर रहा है। मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसकेएमसीएच) के डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि मरीजों में दोबारा डेंगू होने के केस सामने आ रहे हैं। ऐसे मरीजों के प्लेटलेट्स गिरकर 34 हजार तक पहुंच जा रहा है। वहीं, डब्ल्यूबीसी काउंट चार हजार रहना चाहिए, जो घटकर दो हजार से 2900 तक पहुंच जा रहा है। मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. अमित कुमार ने बताया कि डेंगू के लक्षण वाले मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं। मरीजों को 103 डिग्री तक लगातार बुखार रह रहा है। बुखार कम समय में बढ़कर 104 तक भी पहुंच जा रहा है, पर कम होने में वक्त लग रहा है।
डॉ. चंद्रशेखर और डॉ. अमित ने बताया कि दोबारा डेंगू होने पर मरीजों को ठीक होने में 15 से 20 दिन तक लग रहे हैं। लगातार तेज बुखार से मरीज को काफी कमजोरी हो रही है। दवाएं भी अधिक देनी पड़ रही हैं। डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि दोबारा डेंगू की पुष्टि आईजीएम जांच में हो रही है। कुछ ऐसे भी मरीज हैं, जिन्हें अंदर से काफी कमजोरी लगी और जांच कराने पर प्लेटलेट्स कम पाया गया। उनकी आईजीएम जांच की गई तो पता चला कि मरीज के शरीर में डेंगू का वायरस पनपने से प्लेटलेट्स गिर रहा था।
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