शाम को लखनऊ समेत कुछ शहरों में लगातार हुई बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बारिश के कारण मंगलवार को राजधानी की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लग गया। जलभराव, धीमी रफ्तार और बढ़ते वाहनों के दबाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। मौसम विभाग ने 37 जिलों के लिए अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम मुख्यालय के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब आगे बढ़ गया है। यह पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऊपर आ गया है। इस वजह से मानसून की ट्रफ लाइन (द्रोणी) उत्तर भारत से होकर गुजर रही है। साथ ही चक्रवाती हवाओं का दबाव झारखंड और बिहार से होते हुए यूपी के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों तक पहुंच गया है। हवाओं की इस मजबूती से उत्तर प्रदेश में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
यूपी के बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, कानपुर नगर एवं आसपास के क्षेत्र में बहुत ही भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
प्रतापगढ़, वाराणसी, संत रवि दास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, जालौन, हमीरपुर एवं आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश के आसार जताए गए हैं।
बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रवि दास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
लखनऊ में हजरतगंज, अशोक मार्ग, सिकंदरबाग, विधानभवन मार्ग और कैसरबाग क्षेत्र में दिनभर यातायात का दबाव बना रहा। चारबाग रेलवे स्टेशन, बर्लिंगटन चौराहा और नाका हिंडोला के आसपास भी वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हुई। गोमतीनगर में विभूतिखंड, लोहिया पथ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही। पॉलीटेक्निक चौराहा, कमता चौराहा और इंदिरानगर की ओर जाने वाले मार्गों पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
आलमबाग, निशातगंज और महानगर क्षेत्रों में भी लोगों को ट्रैफिक दबाव से जूझना पड़ा। चारबाग स्टेशन के सामने, कैसरबाग बस अड्डा से लेकर रेजीडेंसी रोड सहित कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते रहे। कार्यालयों से लौटने वाले कर्मचारी और अन्य राहगीर घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे। यातायात पुलिसकर्मी प्रमुख चौराहों पर वाहनों को नियंत्रित करने में जुटे रहे, लेकिन बारिश और जलभराव के कारण व्यवस्था सामान्य होने में काफी समय लगा।
बारिश के बाद शाम को सड़कों पर जब ट्रैफिक का दबाव बढ़ा तो आरओबी, फ्लाईओवर और पुलों पर भी जाम की स्थिति बनी रही। वाहन रेंगते हुए चले। सबसे विकट स्थिति तो लोहिया आरओबी पर रही। पॉलीटेक्निक से लोहिया चौराहे तक ट्रैफिक का काफी दबाब रहा। हालात यह रहे के आरओबी पर भी वाहनों को रेंगते हुए चलना पड़ा। कमोवेश यही हालत मुंशीपुलिया फ्लाईओवर का रहा। अयोध्या रोड और रिंग रोड पर ट्रैफिक के दबाव के कारण फ्लाईओवर पर कई बार जाम की स्थिति बनी। निशातगंज पुल पर ग्रीन कॉरिडोर के बढ़े ट्रैफिक दबाव के कारण जाम की स्थिति बनी रही।
हजरतगंज में ट्रैफिक दबाव के बीच जब जाम की स्थिति बनी तो दोपहिया वाहन सवार नरही की गलियों से निकलने लगे। कुछ ऑटो और ई रिक्शा वाले भी उनके पीछे हो लिए। क्षमता से अधिक वाहनों के कारण यहां की गलियां और तंग हो गई, जिससे कुछ ही देर में जाम की स्थिति बन गई। विधानभवन के पीछे से निकलने वाले वाहनों को भी ट्रैफिक दबाव के कारण रेंगते हुए चलना पड़ा।
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