साइबर अपराधियों के खिलाफ अररिया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी वार्ड संख्या-09 में छापेमारी की। पुलिस ने एक नव-निर्मित भवन के फ्लैट में कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी के कथित गिरोह का खुलासा किया है। मौके से चार युवकों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 2 लाख 20 हजार रुपये नकद, 58 सक्रिय सिम कार्ड, चार मॉडिफाइड फिंगरप्रिंट स्कैनर, एक आई-स्कैनर, पांच मोबाइल फोन, सात एटीएम कार्ड और एक बैंक पासबुक बरामद की गई है।
गुप्त सूचना पर फ्लैट में छापेमारी
पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को साइबर थाना अररिया को सूचना मिली थी कि नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी वार्ड संख्या-09 में इंडियन गैस एजेंसी के पीछे स्थित एक नव-निर्मित भवन के फ्लैट में कुछ युवक संदिग्ध तकनीकी उपकरणों के जरिए संगठित साइबर अपराध कर रहे हैं। सूचना वरीय अधिकारियों को देने के बाद साइबर थाना की विशेष टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही कुछ युवक भागने की कोशिश करने लगे। टीम ने घेराबंदी कर चार युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद फ्लैट की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में सिम कार्ड और साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जाने वाले तकनीकी उपकरण बरामद किए गए।
AePS से खातों से रकम निकालने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे सुनसान और नव-निर्मित भवनों को अपना ठिकाना बनाकर अवैध तरीके से जुटाए गए डेटा का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों द्वारा मॉडिफाइड फिंगरप्रिंट स्कैनर और आई-स्कैनर की मदद से आधार सक्षम भुगतान प्रणाली यानी AePS और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों के बैंक खातों से उनकी जानकारी के बिना रकम निकालने की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल कुमार (23), पिता प्रमोद कुमार साह, निवासी बसैठी वार्ड संख्या-10, थाना बौसी, अररिया; मनीष कुमार (20), पिता दिनेश साहनी, निवासी अजवा वार्ड संख्या-01, थाना महलगांव, अररिया; शशिकांत शर्मा (20), पिता कुन्दन शर्मा, निवासी किशनपुर वार्ड संख्या-06, थाना अररिया; और नौशेर वान आदिल (26), पिता शोएब आलम, निवासी खलीलाबाद वार्ड संख्या-25, थाना अररिया के रूप में हुई है।
58 सक्रिय सिम, 7 एटीएम कार्ड और नकदी बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 2 लाख 20 हजार रुपये नकद बरामद किए। सभी नोट 500 रुपये के बताए गए हैं। इसके अलावा चार मॉडिफाइड फिंगरप्रिंट स्कैनर, एक आई-स्कैनर, पांच मोबाइल फोन, 58 सक्रिय सिम कार्ड, नौ खाली सिम कवर, सात बैंकों के एटीएम कार्ड और एक बैंक पासबुक बरामद की गई। बरामद 58 सक्रिय सिम कार्ड में 49 जियो और नौ एयरटेल के बताए गए हैं। एक ही जगह से इतनी बड़ी संख्या में सिम कार्ड, बायोमेट्रिक उपकरण, एटीएम कार्ड और नकदी मिलने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है।
अन्य लोगों और साइबर नेटवर्क की भी जांच
इस मामले में साइबर थाना अररिया में कांड संख्या 38/2026, दिनांक 14 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 121(1), 338, 336(3), 340(2), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) व 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही साइबर अपराध के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस ने लोगों को किया सावधान
अररिया पुलिस ने आम लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी गैर-मान्यता प्राप्त सीएसपी, कियोस्क या संदिग्ध व्यक्ति के पास अपना फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन नहीं कराएं। पुलिस ने आधार कार्ड के बायोमेट्रिक्स को यूआईडीएआई पोर्टल या एमआधार मोबाइल ऐप के जरिए लॉक रखने और जरूरत पड़ने पर ही अनलॉक करने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के साथ वित्तीय साइबर फ्रॉड होता है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं।
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