मुजफ्फरपुर के स्कूल में 9 अक्टूबर को 11 हजार वोल्ट करंट से झुलसी सातवीं की छात्रा संध्या की हालत गंभीर है। डॉक्टरों ने हाथ काटने की आशंका जताई है। मां ने प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाकर इलाज और भविष्य की जिम्मेदारी मांगी है।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 9 अक्टूबर को 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आकर झुलसी सातवीं कक्षा की छात्रा संध्या की हालत गंभीर बनी हुई है। एसकेएमसीएच के बर्न एंड प्लास्टिक विभाग में उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि यदि उसके दाहिने हाथ में रक्त संचार सामान्य नहीं हुआ, तो हाथ काटने का निर्णय लेना पड़ सकता है। इस आशंका से छात्रा की मां अनु देवी परेशान हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बेटी के इलाज और भविष्य की जिम्मेदारी लेने की मांग की है।
अनु देवी का आरोप है कि जब वह बच्ची की स्थिति को लेकर स्कूल के प्रिंसिपल पांडव राय से मिलीं, तो उन्होंने कथित तौर पर कुछ रुपये लेकर मामला रफा-दफा करने की बात कही। मां के अनुसार, प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि बच्ची उनकी नहीं है और अब जोखिम भी उनका नहीं है। हालांकि, इन आरोपों पर प्रिंसिपल का विस्तृत पक्ष नहीं मिल सका है।
अनु देवी ने बताया कि सुबह शिक्षक बच्ची को देखने पहुंचे और उसके खाने-पीने तथा दवा के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि बच्ची को समय पर खाना और दवा दी जा रही है। मां के मुताबिक, बेटी की हालत में अभी अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और डॉक्टर भी स्थिति को सामान्य नहीं बता रहे हैं।
अनु देवी को चिंता है कि यदि बेटी का हाथ काटना पड़ा, तो वह रोजमर्रा के काम कैसे कर पाएगी और अपनी पढ़ाई कैसे जारी रखेगी। बेटी के भविष्य और शादी-ब्याह को लेकर भी मां परेशान हैं। उन्होंने मांग की है कि स्कूल प्रबंधन संध्या के इलाज की जिम्मेदारी ले और उसके बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए मदद करे। मां अब इस मामले में इंसाफ चाहती हैं। टिफिन के दौरान स्कूल की छत पर हुआ था हादसा यह घटना 9 अक्टूबर को अहियापुर चौक के पास स्थित स्कूल में हुई थी। स्कूल की छत के बेहद करीब से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से छात्राएं झुलस गई थीं। हादसे के बाद स्कूल परिसर में अफरातफरी मच गई थी।
घटना में झुलसी एक अन्य छात्रा नंदिनी की हालत में सुधार होने के बाद उसे एक दिन पहले एसकेएमसीएच से छुट्टी दे दी गई। वहीं, संध्या का बर्न एंड प्लास्टिक विभाग में गहन उपचार जारी है। घटना के दौरान कितनी छात्राएं करंट की चपेट में आईं, इस संबंध में उपलब्ध विवरण में अलग-अलग संख्या का उल्लेख है। डॉक्टर ने बताया, हाथ की नसें और ऊतक हुए क्षतिग्रस्त संध्या का इलाज कर रहे विभाग के चिकित्सक डॉ. राधा रमन के अनुसार, तेज करंट सीधे हाथ में लगने से बच्ची की नसों और अंदरूनी ऊतकों को नुकसान पहुंचा है। इसके कारण हाथ में सूजन और दबाव बढ़ने लगता है। इस स्थिति को कम्पार्टमेंट सिंड्रोम कहा जाता है।
डॉक्टर के मुताबिक, इस समस्या से निपटने के लिए संध्या के हाथ की फेशियोटॉमी सर्जरी की गई है। यदि रक्त संचार समय पर सामान्य नहीं हुआ और स्थिति में सुधार नहीं आया, तो क्षतिग्रस्त हिस्से से जुड़ी जटिलताओं को देखते हुए हाथ काटने का निर्णय लेना पड़ सकता है। प्रिंसिपल बोले- कल बात करेंगे इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल पांडव राय से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस मामले में बात नहीं कर सकते और अगले दिन बात करेंगे। इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। छात्रा की मां की ओर से लगाए गए आरोपों पर उनका विस्तृत पक्ष नहीं मिल सका।
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