बिहार के सीवान जिले में नकली सोने का मुकुट असली बताकर बेचने और लोगों से ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के हिलसर बगीचे में नकली मुकुट की खरीद-बिक्री के दौरान पुलिस ने सारण जिले से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 800 ग्राम वजन का नकली सोने का मुकुट और दो बाइक बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क छपरा से लेकर सीवान, गोपालगंज और वैशाली समेत कई जिलों तक फैला हुआ था। गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया, जबकि मौके से फरार हुए एक अन्य आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
मोबाइल नेटवर्क के आधार पर पूरे दिन चली घेराबंदी
महाराजगंज के एसडीपीओ अमन ने बताया कि भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के हिलसर बगीचे में नकली सोने के मुकुट की खरीद-बिक्री की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की। वहीं, भगवानपुर हाट थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार को विशेष टीम पूरे दिन सक्रिय रही। पुलिस ने मोबाइल नेटवर्क के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने और उनकी घेराबंदी करने की कोशिश की। लगातार पीछा करने के बाद देर शाम हिलसर बगीचे में पुलिस को सफलता मिली। वहां कथित तौर पर नकली सोने के मुकुट की खरीद-बिक्री के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही बाइक सवार एक आरोपी मौके से फरार हो गया।
सारण जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र की हेमनगर कॉलोनी निवासी जाकिर हुसैन, साढ़ा ढाला निवासी उमेश कुमार यादव, साढ़ा नेवाजी टोला निवासी दिलीप कुमार सिंह और गरखा निवासी सावलिया के रूप में हुई है। भगवानपुर हाट थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान जाकिर हुसैन ने नकली सोना बेचने वाले गिरोह का सदस्य होने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, अन्य गिरफ्तार आरोपियों ने भी गिरोह से जुड़े होने की बात स्वीकार की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी छपरा, सीवान, गोपालगंज और वैशाली समेत कई जिलों में नेटवर्क के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मौके से फरार आरोपी की तलाश भी तेज कर दी गई है। बरामद मुकुट की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे किन सामग्रियों से तैयार किया गया था। इसके साथ ही गिरोह के काम करने के तरीके और ठगी के अन्य मामलों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच में गिरोह के नेटवर्क तथा दूसरे जिलों में की गई ठगी के मामलों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
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