लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। यह बातचीत 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले हुई, और इसे केवल सीट‑बंटवारे की चर्चा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसान‑जाट राजनीति और RLD‑BJP गठबंधन को चुनौती देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
वर्तमान में जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोकदल (RLD) भाजपा‑NDA के साथ गठबंधन में है और 35 सीटों की मांग कर रही है। अखिलेश यादव, जो जाट वोट का प्रमुख ध्रुव हैं, अगर अपनी ताकत वाले जिलों में कुछ सीटें RLD को सौंपते हैं, तो यह गठबंधन की गणना को काफी बदल सकता है।
मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने कहा कि उनका लक्ष्य 2027 में अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है। उन्होंने बताया कि लोकदल 35‑सेट सीटों पर तैयारी कर रहा है और सीट‑बंटवारे की बातचीत जारी रहेगी, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी हासिल करना है।
लोकदल का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया नहीं है। चौधरी चरण सिंह ने 1979 में इस दल की स्थापना की, जिसके बाद 1995 में अजित सिंह ने राष्ट्रीय लोकदल बनाया। आज जयंत चौधरी, चरण सिंह की संतान, RLD के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जबकि सुनील सिंह पुरानी लोकदल की राष्ट्रीय अध्यक्षता संभालते हुए अपने आप को चरण सिंह की विरासत से जोड़ते हैं।
सुनील सिंह का राजनीतिक सफर भी उल्लेखनीय है: उन्होंने मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री काल में MLA के रूप में कार्य किया, उनका पिता राजेंद्र सिंह एक वरिष्ठ समाजवादी नेता थे, और उन्होंने कई बार विधायक तथा मंत्री के पद संभाले हैं।
RLD ने 2024 में भाजपा‑NDA के साथ गठबंधन किया, जिससे पश्चिमी यूपी में राजनीति का समीकरण बदल गया। सुनील सिंह ने फरवरी 2024 में जयंत चौधरी के NDA‑साथ जुड़ने और चौधरी चरण सिंह की विचारधारा पर सार्वजनिक सवाल उठाए थे, और अब अखिलेश यादव के साथ उनकी मुलाकात इस पुराने विवाद को फिर से उभारे हुए है। हालांकि, अभी तक SP की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उनका लक्ष्य RLD को सीधे मुकाबला करना है या नहीं।
लोकदल ने लगभग 35 सीटों पर चुनावी तैयारी का इशारा दिया है। उनकी एजेण्डा में किसान, गरीब, युवा, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दे प्रमुख होंगे। सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल कांग्रेस और SP के साथ INDIA गठबंधन का हिस्सा है और 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए मिलकर काम करेगा।
पश्चिमी यूपी में अलीगढ़, हाथरस, हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों को संभावित लड़ाई के मुख्य मैदान के रूप में देखा जा रहा है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि किन सीटों पर लोकदल को SP की ओर से समर्थन मिलेगा, लेकिन यह साफ है कि 2027 के चुनाव में केवल सीट‑बंटवारा ही नहीं, बल्कि जाट‑किसान वोट, चौधरी चरण सिंह की विरासत और विभिन्न गठबंधनों के बीच की खींचतान भी प्रमुख भूमिका निभाएगी।
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