साल 80 की यादें सोशल मीडिया पर फिर से जीवित हो रही हैं। ब्लैक-एंड-व्हाइट टीवी, कैसेट, डेनिम जींस और परिवार के साथ दूरदर्शन के सामने बैठने के दृश्य, साथ ही सड़कों पर दौड़ती विंटेज गाड़ियाँ, मिलेनियल्स को उस दौर की ओर ले जाती हैं।
यह ट्रेंड केवल फैशन और संगीत तक सीमित नहीं रहा; भारतीय ऑटोमोबाइल परिदृश्य में भी 80 के दशक ने गहरी छाप छोड़ी। हर एक गाड़ी अपने आप में एक कहानी थी, और आज भी उनकी यादें लाखों दिलों में जीवित हैं।
महिंद्रा जीप की कहानी 1945 में महिंद्रा एंड मोहम्मद के गठन से शुरू होती है। 1947 में अमेरिका की Willys Jeep के 75 यूनिट मुंबई में असेंबल की गईं और 1949 में पहली इंडिया-मे़ड Jeep CJ3A तैयार हुई।
यह जीप 2.2‑लीटर Go‑Devil L‑head इंजन, 3‑स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और 2‑स्पीड ट्रांसफर केस के साथ सुसज्जित थी। इसकी छोटी व्हीलबेस, ऊँचा ग्राउंड क्लीयरेंस और मजबूत लैडर‑टाइप स्टील चेसिस ने इसे कठिन रास्तों पर भी सक्षम बनाया।
महिंद्रा जीप ने भारतीय सड़कों पर SUV का नया मानक स्थापित किया और पुलिस, सेना और आम जनता के बीच लोकप्रिय हुई।
हिंदुस्तान एंबेसडर, 1957 में लॉन्च हुई, ब्रिटिश Morris Oxford पर आधारित थी और 10,000 रुपये के आसपास कीमत पर उपलब्ध थी। 1.5‑लीटर पेट्रोल और बाद में डीजल इंजन, पावर स्टीयरिंग, रिमोट‑शिफ्ट गियर और बेहतर इंटीरियर जैसे फीचर्स ने इसे राजनैतिक और आम परिवारों दोनों के बीच लोकप्रिय बनाया। 2014 में इसे बंद कर दिया गया।
काइनेटिक लूना, 1972 में एच. के. फिरोदिया द्वारा लॉन्च हुई, इटैलियन मोपेड Piaggio Ciao पर आधारित थी। 50cc इंजन, सेंटर‑माउंटेड लेआउट और पेडल‑स्टार्ट फीचर के साथ यह 2,000 रुपये की कीमत पर उपलब्ध थी। 80 के दशक में इसकी मांग इतनी बढ़ गई कि एक दिन में 2,000 यूनिट बनती थीं।
Premier 118 NE, 1985‑86 में लॉन्च हुई, Fiat 124 पर आधारित थी और Nissan इंजन से सुसज्जित थी। 1.2‑लीटर इंजन 52 bhp और 81 Nm टॉर्क देता था, जिसे 4‑स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से जोड़ा गया।
बजाज चेतक, 1972 में वेस्पा स्प्रिंट पर आधारित, 145cc 2‑स्ट्रोक इंजन के साथ लॉन्च हुआ। यह मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ आया और युवा वर्ग के बीच लोकप्रिय हुआ।
मारुति 800, 1983 में लॉन्च हुई, 796cc तीन‑सिलेंडर इंजन के साथ 39 hp की पावर देती थी। 4‑स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स, फ्रंट‑व्हील ड्राइव, मोनोकॉक चेसिस और फ्रंट डिस्क ब्रेक जैसी आधुनिक सुविधाओं के कारण यह भारत की पहली मॉडर्न हैचबैक बन गई।
Hero Honda CD100, 1985 में CD100 बाइक के रूप में आया। 97 cc एयर‑कूल्ड 4‑स्ट्रोक इंजन, 4‑स्पीड गियरबॉक्स, इलेक्ट्रॉनिक इग्निशन और फ्यूल एफिशिएंसी के लिए ‘फिल इट, शट इट, फॉरगेट इट’ स्लोगन के साथ यह बाजार में क्रांति लाया।
Yamaha RX100, 1985 में Escorts के साथ साझेदारी में लॉन्च हुई। 98 cc 2‑स्ट्रोक इंजन 11 hp की पावर देता था, 4‑स्पीड गियरबॉक्स के साथ। हल्का वजन, तेज पिक‑अप और साइलेंस साउंड ने इसे युवाओं की पसंद बना दिया। पुलिसकर्मी भी इस बाइक का इस्तेमाल करते थे।
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