लखनऊ के व्यापारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद मॉडल‑इन्फ्लूएंसर श्रद्धा दुबे को 20 अक्टूबर को महाराष्ट्र के नागपुर में गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई यूपी STF, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन का परिणाम है।
गिरफ्तारी के साथ ही श्रद्धा की बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर तनवीर अली (उर्फ दानिश) भी पकड़े गए। सभी पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में शिवा शर्मा की हत्या के आरोप में मामला दर्ज है।
शिवा शर्मा, 28, लखनऊ के अलीगंज में स्थित कपूरथला क्षेत्र के निवासी थे, जो चिकन व्यापार और कैफ़े संचालन में लगे थे। 9 अक्टूबर को हजरतगंज के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनका निधन हो गया। उनकी माँ रंजना शर्मा ने तुरंत श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया।
शिवा की मृत्यु के बाद श्रद्धा दुबे, अपनी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर ने 9‑10 अक्टूबर को लखनऊ से निकलकर सीमा‑पार की दिशा में यात्रा शुरू की। उनकी गाड़ी सीतापुर होते हुए बहराइच के रुपईडीहा बॉर्डर तक पहुँची, जहाँ 10 अक्टूबर की सुबह कस्टम पार्किंग में गाड़ी पाई गई। पुलिस को आशंका हुई कि तीनों ने सीमा पार कर नेपाल में प्रवेश किया है।
नेपाल में उनकी स्थिति को लेकर कई अफवाहें सामने आईं। कुछ रिपोर्टों ने बांके, सुर्खेत और पोखरा का उल्लेख किया, परन्तु नेपाल पुलिस से पुष्टि नहीं मिल पाई। इस बीच, पुलिस ने इनाम की घोषणा की, जिसे बाद में 50 हजार रुपये तक बढ़ा दिया गया।
फरारी के दौरान श्रद्धा ने कई वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए, जिसमें वह खुद को बेकसूर बताती है और शिवा की मौत को आत्महत्या का दावा करती है। वह कर्ज‑दर्ज़ा और मानसिक तनाव का हवाला देते हुए अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज की मांग करती है। इन वीडियो और उनसे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच अभी चल रही है।
10‑15 अक्टूबर के बीच श्रद्धा ने नेपाल से भारत की ओर वापसी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह महाराजगंज सीमा से भारत में प्रवेश कर लखनऊ पहुँची, जहाँ 18 अक्टूबर को हाई कोर्ट परिसर में वकीलों से मुलाकात की। इस दौरान पुलिस के भीतर लापरवाही के आरोप पर कार्रवाई भी हुई।
लखनऊ‑आगरा एक्सप्रेसवे के माध्यम से 19 अक्टूबर को श्रद्धा आगरा पहुँची। वह ओम पैलेस होटल में अपनी बहन के साथ ठहरी और लगभग 24 घंटे तक कमरे में रही। इसके बाद वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की ओर बढ़ने की सूचना मिली।
आगरा से नागपुर तक के सफर के संकेत किराए की टैक्सी और संभावित एयरलाइन टिकट से मिले। टैक्सी से प्राप्त जानकारी के आधार पर यूपी STF और लखनऊ पुलिस ने नागपुर पुलिस के सहयोग से 20 अक्टूबर को नागपुर के एक फ्लैट पर एक साथ कार्रवाई की और तीनों को गिरफ्तार किया। इस तरह 11‑दिन की खोजी कार्रवाई समाप्त हुई।
अब जांच का फोकस यह पता लगाना है कि फरारी के दौरान किस‑किस ने उन्हें सहायता दी, नेपाल से भारत लौटने का सटीक मार्ग क्या था, और आगरा‑नागपुर के बीच कौन‑सी व्यवस्था की गई थी। साथ ही, शिवा शर्मा की मौत के कारण—हत्या या आत्महत्या—का अंतिम निष्कर्ष न्यायालय के सामने आएगा।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!