पटना के मोकामा के चर्चित पूर्व विधायक अनंत सिंह और गायक गुंजन सिंह के बीच बातचीत का एक पुराना कथित ऑडियो टेप इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस ऑडियो टेप से 2019 के मुंगेर लोकसभा चुनाव के दौरान हुए भारी चुनावी खर्च को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।
यह राशि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित चुनावी खर्च की कानूनी सीमा से बहुत अधिक है। नियमों के अनुसार, लोकसभा चुनाव में कोई भी प्रत्याशी अधिकतम 95 लाख रुपये ही खर्च कर सकता है।
चुनाव आयोग के नियम क्या कहते हैं? चुनाव आयोग के नियमानुसार, लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के लिए अधिकतम चुनावी खर्च की सीमा 95 लाख रुपये और विधानसभा चुनाव में 40 लाख रुपये निर्धारित है। अनंत सिंह के कथित दावे के मुताबिक, उन्होंने निर्धारित सीमा से करीब 20 गुना अधिक धन खर्च किया। हालांकि, इसके बावजूद वह अपनी पत्नी नीलम देवी को जीत नहीं दिला सके।
2019 के उस चुनाव में नीलम देवी का सीधा मुकाबला जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रत्याशी राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से था। ललन सिंह ने नीलम देवी को पराजित किया था। हालांकि, बाद के समय में अनंत सिंह और ललन सिंह के आपसी संबंध काफी बेहतर हो गए। वर्तमान में ललन सिंह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जदयू कोटे से कैबिनेट मंत्री हैं।
कथित वायरल ऑडियो और चुनाव परिणाम हालांकि, इस वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बातचीत में शामिल लोगों की आवाज और बोलने के लहजे से यह संवाद अनंत सिंह और गुंजन सिंह के बीच का बताया जा रहा है। बातचीत के विवरण से संकेत मिलता है कि यह चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान नवादा सीट पर मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हुई थी।
नवादा लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले गायक गुंजन सिंह को कुल 29,682 वोट मिले थे। वह अपनी जमानत तक नहीं बचा सके थे। बातचीत की शुरुआत में गुंजन सिंह मतदान समाप्त होने के बाद अपनी हार या जीत की संभावनाओं को लेकर अनंत सिंह से फीडबैक मांगते हैं। इस पर शुरुआती हंसी-मजाक के बाद अनंत सिंह कहते हैं कि चुनाव में उनकी जमानत बचना भी काफी मुश्किल है।
मतों का आकलन और हिदायत अनंत सिंह बातचीत में कहते हैं कि गुंजन सिंह को एक लाख वोट तो अगले जन्म में भी नहीं मिल सकते। वह अनुमान लगाते हैं कि उन्हें 15 से 20 हजार से ज्यादा वोट मिलना मुश्किल है। अनंत सिंह याद दिलाते हैं कि उन्होंने पहले ही चुनाव में पैसा नहीं डुबाने की सलाह दी थी। इसके साथ ही वह गुंजन सिंह को हिदायत देते हैं कि अब मतगणना के दिन किसी भी तरह का धन खर्च न करें। ये भी पढ़ें- अनंत सिंह: बिहार की राजनीति के 'छोटे सरकार' किसे गिफ्ट करेंगे थार? साेनू सूद, पवन सिंह को भी शादी में बुलावा
चुनावी खर्च और राजनीतिक सलाह बातचीत आगे बढ़ने पर जब चुनावी खर्च की चर्चा होती है, तो गुंजन सिंह नवादा में भारी रकम खर्च होने का जिक्र करते हैं। इस पर अनंत सिंह अपने अनुभव का उदाहरण देते हुए बताते हैं कि 2019 के मुंगेर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें खर्च के लिए केवल आठ लाख रुपये दिए थे, जबकि उन्होंने अपनी पत्नी के चुनाव प्रचार पर 19 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे।
बातचीत के अंतिम हिस्से में अनंत सिंह गुंजन सिंह के प्रति अपना आत्मीय लगाव जताते हुए सलाह देते हैं कि भविष्य में जब किसी प्रमुख राजनीतिक दल का टिकट मिले, तभी चुनाव लड़ना चाहिए। अन्यथा निर्दलीय चुनाव लड़कर अपने पैसे बर्बाद नहीं करने चाहिए।
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