बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के खोकसाहा गांव में जमीन विवाद से जुड़े मामले में करीब नौ महीने बाद न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। स्वर्गीय रमेश कुमार उर्फ राकेश कुमार की पत्नी रेनू देवी की शिकायत पर विभूतिपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा और सरपंच पति श्याम कुमार केशरी उर्फ फूलटुन सिंह समेत 11 लोगों को आरोपित किया गया है।
समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के खोकसाहा गांव में जमीन विवाद से जुड़े मामले में करीब नौ महीने बाद न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में विभूतिपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा और सरपंच पति श्याम कुमार केशरी उर्फ फूलटुन सिंह समेत कुल 11 लोगों को आरोपित किया गया है। शिकायतकर्ता महिला रेनू देवी ने आरोप लगाया है कि निजी जमीन पर कथित अवैध निर्माण का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गई। इस दौरान कई राउंड फायरिंग करने, घर में आग लगाने, सोने की चेन छीनने और जबरन कागजात पर हस्ताक्षर कराने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। महिला ने पुलिस पर साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए रोसड़ा के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में शिकायत की थी। न्यायालय के आदेश के बाद विभूतिपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
सोने की चेन छीनने और कपड़े फाड़ने का आरोप
पीड़िता रेनू देवी, जो स्वर्गीय रमेश कुमार उर्फ राकेश कुमार की पत्नी हैं, ने अपनी शिकायत में कहा है कि घटना के दिन कुछ लोग हथियारों से लैस होकर उनके घर पहुंचे थे। निजी जमीन पर कथित अवैध निर्माण का विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। आरोप है कि उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया, उनके कपड़े फाड़े गए और सोने की चेन छीन ली गई। महिला ने शिकायत में हथियार का भय दिखाकर खाली स्टांप पेपर और अन्य कागजात पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा, उन्होंने अपने साथ कथित यौन हिंसा किए जाने की बात भी शिकायत में कही है।
कई राउंड फायरिंग और घर में आग लगाने की शिकायत
रेनू देवी ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद के दौरान कई राउंड फायरिंग की गई और उनके घर में आग लगा दी गई। आगजनी में सिलाई मशीन, कपड़े और अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट होने की बात कही गई है। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने घटना और फायरिंग से संबंधित साक्ष्य व्हाट्सएप के माध्यम से थानाध्यक्ष को भेजे थे। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पुलिस पर आरोपितों को संरक्षण देने और साक्ष्य नष्ट कराने में मदद करने का आरोप भी लगाया है। ये सभी आरोप शिकायत में लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
नौ महीने बाद न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुई प्राथमिकी
यह मामला 17 जनवरी की घटना से जुड़ा बताया गया है। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस को साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्याय के लिए रोसड़ा के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश के बाद विभूतिपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
थानाध्यक्ष समेत 11 लोग नामजद
मामले में विभूतिपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा, सरपंच पति श्याम कुमार केशरी उर्फ फूलटुन सिंह, रोहित कुमार, पिंटू सिंह, तपन शंकर और शिल्पी सिंह समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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