मध्यप्रदेश सरकार ने 25 सितंबर से "मुख्यमंत्री सुगड परिवहन सेवा" का शुभारंभ करने की घोषणा की है। यह पहल दो दशकों बाद राज्य की सार्वजनिक बस प्रणाली को पुनर्जीवित करने के लिए ली गई बड़ी कदम है।
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यात्री परिवहन विज़न समिट‑2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को सरल, सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बस सेवा प्रदान करना है। योजना के तहत राज्य में लगभग 15 हज़ार बसों का संचालन करने की क्षमता विकसित की जाएगी।
परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि 2004‑05 में बंद हुई पुरानी राज्य परिवहन सेवा के बाद अब निजी ऑपरेटरों के साथ मिलकर एक पारदर्शी और संगठित मॉडल तैयार किया जा रहा है। नई सेवा में आधुनिक टर्मिनल, डिजिटल ट्रैकिंग, ड्राइवर‑कंडक्टर की निगरानी और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
परिवहन सचिव मनीष सिंह के अनुसार, 55 जिलों में विस्तृत रूट सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे डेटा के आधार पर 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित करने की योजना है।
सभी बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन और रियल‑टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा होगी। साथ ही EV और CNG बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार ने तीन स्तंभों पर आधारित सेवा मॉडल अपनाया है: सही बस, सही मार्ग और सही समय। इस मॉडल का उद्देश्य यात्रियों को भरोसेमंद यात्रा अनुभव देना है।
समिट में MPYPIL और Rapido के बीच फर्स्ट‑और‑लास्ट‑माइल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए एमओयू भी हुआ। इससे बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन आदि की जानकारी Rapido के प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी। महिलाओं द्वारा संचालित Rapido Pink बाइक‑टैक्सी को भी भोपाल‑इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा।
5 लाख किमी के सड़क नेटवर्क और बड़े पैमाने पर पर्यटन को देखते हुए, 15 हज़ार से अधिक बसें चलाने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने निजी बस ऑपरेटर, निर्माता, उद्योग साझेदारों और अन्य हितधारकों से इस विकास यात्रा में भागीदारी की अपील की।
पर्यावरण‑अनुकूल तकनीक को भी प्रमुखता दी गई है। इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि PPP मॉडल पर आधारित क्लीन और सेफ बस सिस्टम गांवों को शहरों से जोड़ेगा। इक़ा मोबिलिटी के अध्यक्ष सुधीर मेहता ने बताया कि कंपनी पीथमपुर में 5 हज़ार ई‑बसों की वार्षिक उत्पादन क्षमता वाला इलेक्ट्रिक बस निर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है।
समिट में "MP Mobility Innovation Challenge 2026" की शुरुआत भी हुई। यह पहल स्टार्ट‑अप, MSME, शोधकर्ता और शैक्षणिक संस्थानों को वास्तविक परिवहन समस्याओं के तकनीकी समाधान पेश करने के लिए प्रेरित करेगी।
17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान शुरू होगा और 25 सितंबर को प्रदेशवासियों को "प्रदेश की अपनी बस सेवा" का तोहफा मिलेगा। सरकार बसों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल, सुरक्षित, तकनीक‑सक्षम, पर्यावरण‑अनुकूल और यात्री‑केंद्रित प्रणाली बनाना चाहती है।
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