बरेली में रविवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश से कई जगह जलभराव हो गया। करीब 3 घंटे तक शहर के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश होती रही। बीते 24 घंटे में जिले में 15 मिमी से अधिक बारिश रिकार्ड की गई है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आई है। दिन में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस और रात में न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। रविवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली। सुबह करीब 10 बजे हल्की धूप हुई लेकिन फिर बादल छा गए। उमस ने लोगों को खूब सताया। बारिश के चलते दिन और रात का तापमान सामान्य से कम हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार ने बताया कि 7 सितंबर से तापमान में बदलाव हो सकता है। मौसम में उतर- चढ़ाव जारी रहेगा। कई इलाकों में हल्की बारिश का भी अनुमान है।
बारिश को देखते हुए बरेली डीएम अविनाश सिंह के आदेश पर कक्षा एक से आठवीं तक के सभी बोर्ड के विद्यालयों में सात सितंबर सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया है। आदेश में उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिले के यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के साथ ही परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में सात सितंबर को शिक्षण कार्य बंद रहेगा। इसके अलावा इसी जिले में जीआरएम स्कूल की सभी शाखाएं, माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल और पद्मावती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं तक की छुट्टी की घोषणा की गई है।
शाहजहांपुर और पीलीभीत में भी बारिश के चलते डीएम ने आठवीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। पीलीभीत डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर सोमवार को कक्षा एक से आठ तक के बच्चों का अवकाश रहेगा। रविवार को हुई बारिश के चलते परिषदीय समेत अन्य स्कूलों व उनके रास्तों में हुए जलभराव के कारण शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा। बीएसए के द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में सभी बोर्ड के कक्षा आठ तक के परिषदीय प्राथमिक, उप्रावि व अन्य सहायता प्राप्त स्कूलों में सोमवार को अवकाश रहेगा।
मेरठ जिले के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के शारदा रोड पर एक मकान में शिवम साड़ी सेंटर, रेस्टोरेंट समेत कई दुकानें हैं। रविवार दोपहर बारिश के दौरान इस मकान का बंद पड़ा एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। भवन की दीवार और टीनशेड का मलबा सड़क किनारे खड़ी कारों पर जा गिरा, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि हादसे के वक्त मकान के उस हिस्से में कोई मौजूद नहीं था और सड़क पर भी कोई व्यक्ति मलबे की चपेट में नहीं आया। भवन स्वामी सोहनलाल गोयल का कहना है कि नाला निर्माण के दौरान मकान की नींव से सटाकर खुदाई की गई थी। इसके बाद भवन की सामने वाली दीवार तिरछी होने लगी। उनका कहना है कि नाले में पानी भरने और लगातार बारिश के कारण दीवारों में दरारें बढ़ती गईं और मकान लगातार कमजोर होता चला गया।
बिजनौर जिले के रेहड़ क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते शनिवार रात गांव सादकपुर में एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गांव निवासी शाकिर अहमद पुत्र मेहरबान अहमद के कच्चे घर की दीवारें लगातार बारिश के कारण कमजोर हो गई थीं। देर रात अचानक मकान ढह गया, जिसमें गृहस्वामिनी तायरा खातून मलबे में दबकर घायल हो गईं। घटना की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल महिला को बाहर निकालकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
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