बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात अपराधियों के बीच कथित वर्चस्व की लड़ाई में हुई गोलीबारी ने एक 16 वर्षीय किशोर की जान ले ली। रात करीब दो बजे कुछ अपराधियों के बीच कथित तौर पर गोलीबारी हो रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े होकर विवाद देख रहे किशोर को गोली लग गई। गंभीर हालत में उसे तेघड़ा अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड संख्या 13 निवासी मोहम्मद आशिक के 16 वर्षीय पुत्र मोहम्मद समीर के रूप में हुई है।
वर्चस्व की लड़ाई में चली गोली
स्थानीय लोगों के अनुसार, मंगलवार रात करीब दो बजे कुछ अपराधी आपस में वर्चस्व को लेकर भिड़ गए। इसी दौरान देसी पिस्तौल से गोली चलने लगी। बताया गया कि समीर सड़क किनारे खड़ा होकर पूरा विवाद देख रहा था। इसी बीच चली एक गोली उसे लग गई। गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद गोलीबारी में शामिल बताए जा रहे अपराधी वहां से फरार हो गए। घायल समीर को परिजन और स्थानीय लोग तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
शव पहुंचते ही आक्रोशित हुए ग्रामीण
बेगूसराय सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब समीर का शव घर पहुंचा तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन वहां जुट गए। किशोर की मौत से आक्रोशित लोगों ने मस्जिद चौक बाजार में शव रखकर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक सड़क जाम रहने से इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही और यातायात भी प्रभावित हुआ।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
सड़क जाम और विरोध-प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक मनीष, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कृष्ण कुमार और अनुमंडल अधिकारी नीरज कुमार सिन्हा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका।
दहशत में लोग, आरोपितों का नाम बताने से कतरा रहे ग्रामीण
स्थानीय लोगों का दावा है कि गोली चलाने वाले अपराधियों की पहचान कई लोग जानते हैं, लेकिन कथित अपराधियों के डर से ग्रामीण खुलकर उनका नाम लेने से परहेज कर रहे हैं। घटना के बाद से इलाके के लोगों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि घटना में शामिल बताए जा रहे लोगों में एक व्यक्ति का परिवार दबंग माना जाता है और उसकी राजनीतिक पहुंच होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन दावों की पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जुटी जांच में
पुलिस अब गोलीबारी के पीछे की वजह, आरोपितों की पहचान और घटना में इस्तेमाल हथियार के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि वर्चस्व को लेकर हुआ विवाद किस बात से शुरू हुआ और गोलीबारी में कौन-कौन लोग शामिल थे। 16 साल के किशोर समीर की मौत ने तेघड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे बेगूसराय जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वर्चस्व की कथित लड़ाई में निर्दोष समीर की जान लेने वाले आरोपितों तक पुलिस कब पहुंचती है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
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