ग्रेटर नोएडा स्थित ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में 35 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले का मामला सामने आने के बाद खाताधारकों की परेशानी बढ़ गई है। अपने खातों में जमा रकम की जानकारी लेने के लिए लोग सुबह से ही बैंक पहुंच रहे हैं। कोई पासबुक में एंट्री कराने के लिए कतार में लगा है तो कोई खाते में बची पूंजी निकालने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, कई खाताधारकों का आरोप है कि उन्हें अपनी जमा रकम के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रकम नहीं मिलने से परेशान कुछ खाताधारकों ने बैंक परिसर में धरना भी शुरू कर दिया है। .metering_wall_container {min-height:58px;max-height:58px;position:relative;transition:max-height 0.5s ease-in-out;}
खाताधारकों को सता रहा इस बात का डर बैंक में लगातार पहुंच रहे खाताधारकों को सबसे अधिक चिंता अपनी मेहनत की कमाई को लेकर है। कई लोगों ने भविष्य की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, शादी और अन्य जरूरी कामों के लिए बैंक में रकम जमा की थी। अब घोटाले की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें अपनी जमा पूंजी डूबने का डर सता रहा है। खाताधारक बैंक पहुंचकर पासबुक अपडेट कराने के साथ ही यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके खाते में कितनी रकम शेष है और वह निकाल सकेंगे या नहीं।
बैंक पहुंचकर लगा रहे चक्कर गुरुवार सुबह से ही बैंक शाखा में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। खाताधारक बैंककर्मियों से अपने खातों की स्थिति स्पष्ट करने और जमा रकम के संबंध में जानकारी देने की मांग कर रहे हैं। कुछ लोग अपनी पासबुक में लेनदेन की एंट्री कराने के लिए पहुंचे हैं, जबकि कई खाताधारक बची हुई रकम निकालने की कोशिश में हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें समय रहते खातों की वास्तविक स्थिति और उनकी जमा पूंजी के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे आगे की आर्थिक जरूरतों के लिए कोई निर्णय ले सकें।
खाते में थे 17 लाख, 26 हजार, अब बजा है 26 हजार एक पीड़ित जितेंद्र ने बताया कि उनके बचत खाते में 17 लाख 26 हजार रुपये जमा थे। लेकिन अब खाते में केवल 26 हजार ही बचे हैं। पीड़ित ने बताया कि खाते से रकम निकलने का कभी कोई मैसेज नहीं आया। अब जब शाखा में आकर चेक किया तो घोटाले की जानकारी हुई।
धरने पर बैठे पीड़ित, आर्थिक संकट की चिंता खातों में जमा रकम नहीं मिलने और जानकारी के अभाव से परेशान लोगों ने बैंक के बाहर धरना शुरू कर दिया है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई बैंक में जमा थी। अब रकम को लेकर अनिश्चितता के कारण परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कुछ खाताधारकों ने अपनी परेशानी बयां करते हुए आत्महत्या तक करने की बात कही। यह स्थिति उनकी गंभीर मानसिक और आर्थिक परेशानी को दर्शाती है। पीड़ितों की मांग है कि उनके खातों की जांच कर जमा रकम की स्थिति स्पष्ट की जाए और उनकी धनराशि वापस दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
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