कन्नौज जिले के गुरसहायगंज में मासूम बच्ची से आखिर हमलावरों की कौन सी दुश्मनी थी कि बच्ची को भी नहीं बख्शा और उस पर भी कई वार किए गए, जिससे उसकी दोनों आंखों पर चोट के निशान थे। अब बच्ची जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है। वहीं, संजीव का आठ वर्षीय कृत्यांश कक्षा दो का छात्र है और चाचा ज्योतिष के घर पर रहता है।
फर्रुखाबाद के पखना विहार का था रहने वाला संजीव कुमार मूल रूप से फर्रुखाबाद जिले के पखना विहार के रहने वाले थे। परिवार में एक भाई और एक बहन है। उनकी बहन सोनी (28) वर्तमान में सैफई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर बताई जा रही हैं। संजीव की बुआ रेशमा सरकारी दाई थी। तभी मां कुसुमा भी ननद के पास आकर प्राइवेट दाई का काम करने लगी। यहीं पर संजीव का जन्म हुआ था। संजीव की बुआ रेशमा तथा मां कुसुमा की मौत हो चुकी है। संजीव परिवार के साथ पीएचसी परिसर के कमरे में रहने लगे थे।
गुत्थी सुलझाने में देर रात तक कोतवाली में रहे एसपी-एएसपी दंपती की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए स्वॉट, एसओजी, सर्विलांस समेत पांच टीमों को लगाया गया है। डॉग स्क्वॉड भी घटनास्थल पर पहुंचा था। पुलिस टीम पुरानी पीएचसी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालती रही। इसके अलावा सर्विलांस टीम भी लोकेशन खोजती रही। पांच टीमों के साथ एसपी विनोद कुमार, एएसपी अजय कुमार भी कोतवाली में देर रात तक घटना के खुलासे के लिए लगे रहे। क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया।
ये था पूरा मामला गुरसहायगंज में मुख्य चौराहे पर स्थित पुलिस चौकी के पीछे गुरुवार को बंद पीएचसी के कमरे में दंपती के शव खून से लथपथ पड़े मिले। एक साल की मासूम बेटी घायलावस्था में पड़ी थी। उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज से कानपुर रेफर कर दिया गया। परिस्थितियां हत्या की ओर इशारा कर रही हैं पर कमरे की कुंडी अंदर से बंद होने के कारण पुलिस घटना को संदिग्ध मान कर जांच कर रही है।
दिव्यांग दंपती बच्चे के साथ रहते थे डीआईजी जमुना प्रसाद ने घटना के खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की हैं। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री घटना की जानकारी ली और एसपी विनोद कुमार ने जांच पड़ताल की। कस्बे के मुख्य चौराहे पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर के पश्चिमी गेट के पास बने आवास में दिव्यांग संदीप कुमार उर्फ नन्हे लला (32) पत्नी शिखा (26) और एक वर्षीय बच्चे मान्या के साथ रहते थे।
छत से अंदर छलांग लगाई और दरवाजे का ताला खोला आठ साल का बेटा कृत्यांश मोहल्ला अशोक नगर निवासी फुफेरे भाई ज्योतिष के पास रहता है। परिजनों ने बताया कि संजीव रेलवे स्टेशन पर एटीएम पर काम करते थे। सुबह दंपती के कमरे से बाहर न आने पर रिश्तेदार काफी देर तक दरवाजा खुलने का इंतजार करते रहे। कई बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब 9.30 बजे तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो ज्योतिष के बेटे शिव ने छत से अंदर छलांग लगाई और दरवाजे का ताला खोला।
खून से लथपथ पड़े थे शव परिवार और आसपास के लोग अंदर पहुंचे, तो संदीप व शिखा खून से लथपथ शव पड़े थे। वहीं, पास में बेटी मान्या उर्फ प्रियंका घायलावस्था में मिली। परिजन ने बताया कि संदीप के शरीर पर रॉड और धारदार हथियार से हमला किया गया और शिखा के गले में निशान था, साथ ही सिर पर भी चोट के निशान थे। दोहरे हत्याकांड से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। डीएम, एसपी विनोद कुमार, एएसपी अजय कुमार, सीओ सुरेश कुमार, कोतवाल ध्यानेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के सैंपल और साक्ष्य एकत्र किए।
दंपती के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजते ही भड़का आक्रोश डीआईजी ने कहा कि आवास में दंपती के शव पड़े मिले हैं। सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। घटना के खुलासे के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा। जांच के बाद दंपती के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने काे पुलिस ने वाहन बुलाया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए और विरोध करने लगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी अस्पताल से बाहर निकलकर जीटी रोड पर पहुंच गए।
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