पंचायत आजतक बिहार के विशेष सत्र में भाग लेते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने 150 दिनों के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और राज्य के विकास, शिक्षा, उद्योग, सुशासन तथा रोजगार पर विस्तृत रोडमैप पेश किया।
उन्होंने एनडीए सरकार के लक्ष्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि बिहार को प्रगति की नई ऊँचाइयों पर ले जाना उनका प्रमुख उद्देश्य है।
बांकीपुर उपचुनाव में BJP की अप्रत्याशित हार को स्वीकारते हुए उन्होंने जनमत का सम्मान किया और पार्टी स्तर पर समीक्षा का वादा किया। साथ ही भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस की चूक को मानते हुए दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई का संदेश दिया।
शिक्षा क्षेत्र में 700 मॉडल स्कूल स्थापित हुए हैं, जिनमें लगभग 3.5 लाख छात्र पढ़ रहे हैं। रात में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से रात 1 बजे भी औसतन 1.5 लाख बच्चे शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं। 15 जुलाई को एक ही दिन में 211 नए डिग्री कॉलेज खोले गए और शिक्षकों की बहाली व पोस्टिंग एक महीने के रिकॉर्ड समय में पूरी हुई। उनका लक्ष्य 2030 तक युवा को पढ़ाई और रोजगार के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
उद्योग क्षेत्र में पिछले 150 दिनों में लगभग 50,000 एकड़ (इसके अतिरिक्त 3,000 एकड़ अधिग्रहण प्रक्रिया में) जमीन उपलब्ध कराई गई है। राज्य का बजट ₹3,17,000 करोड़ तक पहुँच गया है, और 125 यूनिट फ्री तथा किसानों को बिजली पर ₹23,000 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी जा रही है।
उद्योग को महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक की गति से आगे बढ़ाने के लिए योजना बनाई गई है, ताकि 2030 तक बिहार को एक औद्योगिक क्रांति के कगार पर लाया जा सके।
समान नागरिक संहिता (UCC) पर एनडीए गठबंधन के सहयोगियों के रुख के बारे में उन्होंने कहा कि निर्णय संवाद के आधार पर लिया जाएगा और सभी सहयोगी दलों से राय-मशवरा किया जाएगा।
बाढ़ प्रबंधन के लिए नई गाद नीति लागू की गई है और भारत-बांग्लादेश जल संधि के तहत राज्य को सिंचाई, पेयजल और उद्योगों के लिए पर्याप्त पानी का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है। 80 लाख से अधिक परिवारों को सीधे ₹7,000 की आर्थिक सहायता भेजी गई है, साथ ही कृषि इनपुट व बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
रोजगार के क्षेत्र में 2020‑25 के दौरान लगभग 43 लाख लोगों को रोजगार और 11.5 लाख को सरकारी नौकरी दी गई है। अब अगले चरण में 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी व रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। बंद पड़ी चीनी मिलों और अशोक पेपर मिल जैसी इकाइयों को टेकओवर कर फिर से चालू किया जा रहा है, साथ ही 25 नई चीनी मिलें और औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए जमीन दी जा रही है।
राज्य से बाहर मजबूरी में मजदूरी करने वाले लगभग 12 लाख लोगों को बिहार में ही स्थायी रोजगार देकर वापस लाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित किया जा रहा है ताकि बिहार के उत्पादों का सीधे निर्यात हो सके।
योगी आदित्यनाथ और शुभेंदु अधिकारी के साथ ‘बुलडोजर और एनकाउंटर’ की राजनीति की रेस में शामिल होने के सवाल पर सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी व्यक्तिगत होड़ में नहीं हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य बिहार में शासन को सही ढंग से चलाना और पुलिस को अपराध के खिलाफ पूरी स्वतंत्रता देना है, ताकि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
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