औरंगाबाद जिले में ठगों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे आए दिन ठगी की नई-नई घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इस जिले में ठग कभी आईपीएस अधिकारी तो कभी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को ठग चुके हैं और पकड़े भी जा चुके हैं। ताजा और हैरान करने वाला मामला औरंगाबाद शहर के महाराजगंज रोड के एक जेवर व्यवसायी से जुड़ा है। यहां शुक्रवार को सीआईडी अधिकारी बनकर आए तीन शातिर ठगों ने 25 लाख रुपये के सोने के जेवर ठग लिए।
हद तो यह है कि ठगी के बाद आरोपियों ने जेवर व्यवसायी को ठगी का एहसास न होने देने के लिए पत्थर भरी पोटली थमा दी और मौके से आसानी से फरार हो गए। बाद में पोटली खोलने पर जब व्यवसायी को ठगी का पता चला तो वह दहाड़ मारकर रोने लगा।
चेन छिनतई की घटनाओं का हवाला देकर ठगों ने डराया पीड़ित जेवर व्यवसायी रघुनंदन साव ने बताया कि वह अपने घर के पास टहल रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार तीन लोग वहां पहुंचे। उन्होंने खुद को सीआईडी अधिकारी बताया और इलाके में चेन छिनतई की घटनाओं का हवाला देकर उन्हें डराने लगे। इस दौरान सीआईडी अधिकारी बने ठगों ने व्यवसायी पर इलाके में चेन लूट की घटनाओं में लूटे गए जेवर खरीदने का आरोप लगाया। साथ ही, प्रशासनिक कार्रवाई और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का डर दिखाकर उन्हें सोने के जेवर उतारने को कहा।
ठगों की बातों में आकर व्यवसायी ने करीब 110 ग्राम की सोने की चेन और 35 ग्राम की सोने की अंगूठी उतार दी। चेन में रुद्राक्ष और त्रिशूल भी लगा हुआ था। इसके बाद ठगों ने चालाकी दिखाई। एक ठग ने पहले अपनी चेन उतारी और उसे रुमाल में रखने का नाटक किया, ताकि व्यवसायी को उन पर भरोसा हो जाए। फिर आरोपियों ने रघुनंदन साव के जेवर कागज में रखकर रुमाल में बांध दिए।
जेवरों पर हाथ साफ कर व्यवसायी को थमा दी पत्थर भरी पोटली इसी दौरान शातिर ठगों ने हाथ की सफाई दिखाते हुए जेवरों वाला रुमाल बदल दिया और उसकी जगह पत्थर बंधा रुमाल व्यवसायी की जेब में रख दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब रघुनंदन साव ने रुमाल खोलकर देखा तो उसमें सोने के जेवरों की जगह पत्थर मिले। यह देखकर उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उनके होश उड़ गए। ठगे गए जेवरों का कुल वजन करीब 145 ग्राम बताया जा रहा है, जिनकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है।
बेटे की दुकान के पास ही ठगों ने दिया वारदात को अंजाम गौरतलब है कि रघुनंदन साव शहर के जाने-माने व्यवसायियों में शुमार हैं। शहर में लोग उन्हें रघुनंदन सेठ के नाम से जानते हैं। महाराजगंज रोड स्थित उनके घर पवई कोठी के आसपास ही उनके परिवार के सदस्य अलग-अलग व्यवसाय करते हैं। घटनास्थल के पास चंद्रा मशीनरी नाम की दुकान है, जिसका संचालन उनके पुत्र और रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष अजीत चंद्रा करते हैं।
पीड़ित के अनुसार, ठगों ने इतनी तेजी से पूरी वारदात को अंजाम दिया कि उन्हें कुछ समझने या आसपास मौजूद परिजनों को इसकी जानकारी देने तक का मौका नहीं मिला।
प्राथमिकी दर्ज, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना के बाद पीड़ित रघुनंदन साव ने औरंगाबाद नगर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। मामले में नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अपराधियों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए हैं। ठगों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ठगी की घटनाएं इससे पहले भी औरंगाबाद जिले में जेवर ठगी करने वाले गिरोह की सक्रियता सामने आती रही है। कुछ महीने पहले कुटुंबा में भी झांसा देकर ठगों ने लाखों रुपये के जेवर ठग लिए थे। उस मामले में कई आरोपियों को पकड़ा भी गया था, जबकि अन्य घटनाओं में शामिल आरोपियों की तलाश अब भी जारी है। ताजा घटना के बाद शहर के व्यवसायियों और बुद्धिजीवियों में चिंता बढ़ गई है। लोगों ने पुलिस से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और इस तरह की वारदातों पर रोक लगाने की मांग की है।
पीड़ित व्यवसायी व मौके पर जमा लोग
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