औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड के कुल्हड़िया गांव में जिउतिया पूजा सामग्री प्रवाहित करने के बाद नदी में नहाने के दौरान तीन किशोरियां डूबने लगीं। स्थानीय लोगों ने दो को बचा लिया, जबकि 13 वर्षीय हर्षिका की तीन घंटे बाद शव बरामद हुआ।
औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड के माली थाना क्षेत्र के कुल्हड़िया गांव में रविवार को नदी में डूबने से 13 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। मृतका की पहचान गांव निवासी प्रमोद नोनिया की पुत्री हर्षिका कुमारी के रूप में हुई है। वह अपनी दो सहेलियों के साथ जिउतिया पूजा की सामग्री नदी में प्रवाहित करने गई थी। पूजा सामग्री प्रवाहित करने के बाद तीनों सहेलियां नदी में नहाने लगीं। इसी दौरान फिसलन के कारण तीनों गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। उन्हें डूबता देख स्थानीय तैराकों ने नदी में छलांग लगा दी। इस दौरान दो किशोरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि हर्षिका नदी की तेज धारा में बह गई।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह हर्षिका अपनी दो सहेलियों के साथ गांव के पास रामरेखा और पुनपुन नदियों के संगम तट पर जिउतिया की पूजा सामग्री प्रवाहित करने गई थी। इसके बाद तीनों नदी में नहाने लगीं। नदी के तल में फिसलन होने के कारण तीनों का संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में चली गईं।
तीनों को डूबता देख आसपास मौजूद तैराकी जानने वाले स्थानीय लोग उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। उन्होंने दो किशोरियों को बचा लिया, लेकिन हर्षिका तेज धारा में बह गई। इसके बाद स्थानीय गोताखोरों ने उसकी तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने नदी की गहराई से हर्षिका का शव बरामद किया। .ads-row{display:flex;gap:10px;flex-wrap:wrap;}
शव मिलते ही परिजनों में मची चीख-पुकार हर्षिका का शव नदी से बाहर निकालते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
घटना की सूचना मिलने के बाद माली थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। माली थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि नदी में डूबने से किशोरी की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
तीन बहनों में मंझली थी हर्षिका, गांव में पसरा मातम हर्षिका तीन बहनों में मंझली थी। उसका एक इकलौता भाई भी है। उसके पिता दूसरे राज्य में ट्रक चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटी की मौत के बाद मां पिंकी देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद कुल्हड़िया गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों और परिजनों ने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
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