सर्दियों की शुरुआत, दिवाली‑छठ की तैयारियां और लंबी दूरी के सफर सब एक साथ आ गए हैं। लेकिन इन उत्सव‑भरे रास्तों पर एक ख़तरा अक्सर अनदेखा रहता है – घना कोहरा। कोहरा दृश्यता घटा देता है, अचानक ब्रेक लगना या टक्कर का जोखिम बढ़ा देता है।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश में 4,80,583 सड़क हादसे दर्ज हुए, जिनमें 1,72,890 मौतें और 4,62,825 घायल हुए। इस दौरान कोहरा‑धुंध के कारण 34,266 दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें 14,617 लोग मारे गए। यानी कुल दुर्घटनाओं में लगभग 7.1% कोहरा‑धुंध के कारण हुए, जो कुल मौतों का 8.5% बनाते हैं।
उत्तरी प्रदेश में यह आँकड़ा और भी चिंताजनक है: 2023 में कोहरा‑धुंध के दौरान 8,191 सड़क हादसे हुए, जिनमें 4,408 लोगों की जान गई। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की सड़कों पर सर्दियों में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है।
कोहरा केवल दृश्यता ही नहीं, बल्कि तेज रफ़्तार, ओवरटेकिंग, गलत लेन‑बदलाव आदि मानवीय कारकों से भी खतरा बढ़ाता है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले वाहन की बुनियादी जांच और पर्याप्त समय की योजना बनाना अनिवार्य है।
1. रफ़्तार को विज़िबिलिटी के अनुसार रखें – कोहरे में कार की स्पीड वही रखें, जितनी दूरी आप साफ़ देख पा रहे हों। अगर सामने कुछ मीटर ही दिख रहा है, तो तेज़ गति से आगे बढ़ना बहुत जोखिम भरा है।
2. लो‑बीम और फॉग लैंप का सही उपयोग – घने कोहरे में हाई‑बीम जलाना उल्टा असर करता है। लो‑बीम हेडलाइट और फ्रंट फॉग लैंप (यदि हों) का उपयोग करें, और पीछे की फॉग लाइट तभी जलाएँ जब दृश्यता बहुत कम हो।
3. पर्याप्त दूरी बनाए रखें – कोहरे में अचानक रुकने की संभावना अधिक होती है। आगे की गाड़ी से सामान्य से अधिक फॉलो‑अराउंड दूरी रखें, ताकि आप समय पर ब्रेक लगा सकें।
4. अचानक ब्रेकिंग और ओवरटेक से बचें – कोहरे में अचानक ब्रेक लगाना पीछे की गाड़ी को टक्कर का कारण बन सकता है। धीरे‑धीरे गति कम करें और ओवरटेक से बचें, जब तक सामने की स्थिति स्पष्ट न हो।
5. रिफ्लेक्टर और लेन‑मार्किंग पर नजर रखें – सफेद पट्टियां, रिफ्लेक्टर और कैट्स‑आई आपके लेन में बने रहने में मदद करते हैं। इन संकेतों को देख कर अपनी गति और दिशा तय करें।
6. विंडशील्ड फॉग का निवारण – सर्दियों में अंदर‑बाहर तापमान अंतर से विंडशील्ड पर धुंध (FOG) बन सकती है। एसी या डिफ़ॉगर चलाएँ, वाइपर और वॉशर जाँचें, और शीशे को साफ रखें।
7. भारी वाहनों के पीछे बहुत नजदीक न रहें – ट्रक या बस के पीछे चलना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि उनका अचानक ब्रेक या लेन‑बदलाव आपके रिएक्शन टाइम को घटा देता है। पर्याप्त दूरी रखें।
8. हाईवे पर अचानक रुकने से बचें – यदि कोहरा इतना घना हो कि आगे कुछ न दिखे, तो धीरे‑धीरे गति कम करें और सर्विस लेन या बाईं ओर हेज़र्ड लाइट जलाकर सुरक्षित स्थान पर रुकें।
9. प्री‑ट्रिप चेक‑लिस्ट – हेडलाइट, टेललाइट, फॉग लैंप, टायर, ब्रेक, वाइपर, डिफ़ॉगर और सभी दस्तावेज़ों की जाँच करें। फर्स्ट‑एड किट साथ रखें।
10. थकान को नज़रअंदाज़ न करें – लंबी दूरी और रात‑रात की ड्राइविंग थकान बढ़ा देती है। यदि नींद या थकान महसूस हो, तो तुरंत सुरक्षित जगह पर रुकें और आराम करें। मोबाइल पर मैसेज पढ़ना या कॉल करना ड्राइविंग के दौरान बहुत जोखिम भरा है; नेविगेशन ऑडियो या पहले सेट किए गए डेस्टिनेशन का उपयोग करें।
बाइक चालकों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सही आकार का हेलमेट, साफ़ विज़र, रिफ्लेक्टिव जैकेट या चमकीले कपड़े, और हेड‑टेल लाइट हमेशा चालू रखें। भारी वाहनों के बहुत करीब न जाएँ और लेन में स्थिर रहें।
सारांश में, कोहरा चाहे कितना भी घना हो, सुरक्षित रफ़्तार, पर्याप्त दूरी, सही लाइटिंग और थकान‑मुक्त ड्राइविंग ही बचाव का मूल मंत्र है। मौसम विभाग की चेतावनी, हाईवे की स्थिति और ट्रैफ़िक एडवाइस को ध्यान में रखकर यात्रा का समय बदलें, ताकि घर की खुशी सुरक्षित रूप से मिल सके।
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