यूपी के हरदोई जिले में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। बुधवार तक गैर जिलों में हुई जांच में जिले के 16 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें कुछ मरीज लखनऊ, बरेली और शाहजहांपुर के उच्च चिकित्सा केंद्रों में भर्ती हैं, जबकि कुछ मरीज घर पर रहकर इलाज करा रहे हैं। तीन मरीजों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस प्लेटफॉर्म (यूडीएसपी) के आंकड़ों के मुताबिक, अर्बन हरदोई के धर्मशाला मार्ग निवासी 40 वर्षीय आरती गुप्ता की निजी पैथोलॉजी में जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
बावन ब्लॉक के महोलिया शिवपार निवासी 45 वर्षीय आराधना उपाध्याय की लखनऊ में आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई। उन्हें निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। शाहाबाद के एगवां निवासी 27 वर्षीय मुन्नी बेगम को सांस लेने में परेशानी होने पर बरेली के राममूर्ति मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उधर, हरदोई मेडिकल कॉलेज में अब तक स्वाइन फ्लू से संबंधित 21 जांचें की जा चुकी हैं। इनमें सभी नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
संक्रमण की रोकथाम के लिए बावन, शाहाबाद और अर्बन हरदोई क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमित मरीजों के घर और आसपास के इलाकों में पहुंच रही हैं। हरदोई मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जीबी गोगोई ने बताया कि यहां पर स्वाइन फ्लू की अब तक जो भी जांच हुई है उनमें कोई भी मरीज पॉजिटिव नहीं मिला है। लखनऊ में कुछ मरीज पॉजिटिव पाए जाने की सूचना मिली है।
हमीरपुर शहर के रमेड़ी मोहल्ले में तीन साल तीन माह के मासूम में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। मासूम का इलाज कानपुर के निजी अस्पताल में हो रहा है। वही बीते शनिवार को हुई जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। फिलहाल मासूम को वेंटिलेटर पर रखा गया है। रमेड़ी मोहल्ला निवासी प्राइवेट विद्यालय में पढ़ाने वाले अमित यादव के तीन साल तीन माह के पुत्र हरि यादव को बीते शनिवार को कानपुर के निजी अस्पताल में हुई जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। अमित ने बताया कि हरि की एक सप्ताह पूर्व तबीयत खराब हुई थी।
उन्होंने जिला अस्पताल के डॉ आशुतोष निरंजन को दिखाया था। उन्होंने दवाएं दी थीं, लेकिन आराम नहीं मिला। बीते गुरुवार उन्होंने पुनः डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने एक्सरे कराया। बाद में भर्ती करने की सलाह दी। लेकिन वह बच्चे को लेकर कानपुर आ गए। यहां एक प्राइवेट डॉक्टर से परामर्श लिया, जिस पर उन्होंने तत्काल बच्चे को किसी अच्छे निजी अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। जिसके बाद दो दिन तक उन्होंने कानपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार कराने के बाद शनिवार को बच्चे को उसी अस्पताल की दूसरी शाखा में भर्ती कराया। जहां बच्चे को जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। तब से बच्चा इसी अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती है।
बाराबंकी जिले में बुधवार को स्वाइन फ्लू, डेंगू व मलेरिया के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में एक बार फिर हड़कंप मच गया। सफेदाबाद स्थित शालीमार मन्नत कॉलोनी में स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
हमीरपुर शहर के रमेड़ी में तीन साल तीन माह के मासूम में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। मासूम का इलाज कानपुर के निजी अस्पताल में हो रहा है। वहीं बीते शनिवार को हुई जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। फिलहाल मासूम को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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