दिवाली के पूर्वसंध्या में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत 38 जिलों में 260 मिठाई‑नमकीन दुकानों की जाँच की।
17 मंडलों में हुई इस कार्रवाई में 303 सैंपल लिये गये और 229 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किया गया। जांच के दौरान 15 लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन को निलंबित करने की सिफारिश की गई तथा लगभग 7,660 किलोग्राम खाद्य सामग्री, जिसकी कीमत 15.40 लाख रुपये से अधिक बताई गई, जब्त कर नष्ट करवाई गई।
जाँच में सबसे चौंकाने वाला मामला औरैया के बिधूना में स्थित इंद्रावर स्वीट हाउस की थी, जहाँ मिठाइयों के आसपास चूहे घूमते मिले। उसी जिले के आर्य नगर में शिवाजी स्वीट हाउस में उपयोग किए गये तेल को कई बार दोबारा इस्तेमाल करने की रिपोर्ट आई, जबकि पाल स्वीट हाउस में भी साफ‑सफाई की कमी पाई गई। इन सभी मामलों में लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की गई।
सीतापुर के राजस्थानी स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में स्टोरेज एरिया में चूहे मिले और फर्श‑दीवार‑शेल्फ की रख‑रखाव में गंभीर कमियां सामने आईं। इसी जिले में लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की गई।
शामली में संगल स्वीट्स के फर्श पर रखी खाद्य सामग्री को गंदे कपड़े से ढका हुआ पाया गया, जिससे न केवल मिलावट बल्कि अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा पर सवाल उठे।
अमरोहा के शाहबाजपुर रोड पर स्थित अनीस पनीर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में पनीर में स्टार्च मिलाने की मिलावट का पता चला। यूनिट की साफ‑सफाई और स्टोरेज प्रैक्टिस पर भी गंभीर सवाल उठे, जिसके बाद पनीर को नष्ट कर दिया गया और लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की गई।
रायबरेली के स्टेशन रोड पर सागर जी परफेक्ट शॉप में मिठाइयाँ अंधेरी, गंदगी भरी जगह पर रखी मिलीं, जहाँ कीड़े‑मकोड़ों की मौजूदगी, खराब निकासी व्यवस्था और कर्मचारियों के हाथ धोने के दौरान पानी के छींटे मिठाइयों तक पहुँच रहे थे। न्यू नरेश स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में खुले में रखे खाद्य पदार्थ, सफाई की कमी और हेल्थ सर्टिफिकेट न होने जैसी कमियां पाई गईं।
कानपुर देहात के पुखरायां स्थित पंचवटी स्वीट हाउस में फ्रिज गंदा और मिठाई बनाने की जगह की हालत खराब थी। अकबरपुर के बदनाम गुझिया में सफाई व वेस्ट मैनेजमेंट की कमी और पालतू जानवरों की उपस्थिति दर्ज की गई। हाथरस में बिना लाइसेंस चल रही शंकर स्वीट्स को बंद कर दिया गया, जबकि फिरोजाबाद के ढोकला हाउस की इमारत और सफाई व्यवस्था को लेकर भी कार्रवाई की गई।
FSDA की टीमों ने केवल सैंपल नहीं लिये; उन्होंने दूध, खोया, छेना, बेसन, मैदा, तेल, घी, मसाले, रंग, बार‑बार गर्म किए जाने वाले तेल, पानी की गुणवत्ता, कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति और कीड़े‑मकोड़ों से बचाव के इंतजाम की भी जाँच की। साथ ही लाइसेंस की वैधता और पैकिंग की सुरक्षा भी जांची गई।
दिवाली पर मिठाई खरीदते समय उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे साफ‑सफाई वाले उत्पादन स्थल, पैकिंग की तारीख, समाप्ति तिथि और आवश्यक जानकारी की जाँच करें। यदि किसी दुकान में गंदगी या मिलावट का संदेह हो, तो तुरंत स्थानीय फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट में शिकायत दर्ज करें।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!