पहाड़ों, मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश, बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिले के 16 गांव और बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। अब तक 38 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। वहीं शहर से सटे बनवारीपुर रपटा पुल पर एक से डेढ़ फिट पानी चल रहा है। इसी पानी में होकर लोग आवागमन कर रहे हैं, जो खतरे का सबब बना है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक जिले की चार तहसीलों निघासन, धौरहरा, गोला और लखीमपुर के 38 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। सोमवार को 16 गांव और बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर लगाए है। जिले की 23,543 आबादी बाढ़ की चपेट में है। एडीएम नरेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि बनबसा और गिरिजा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद शारदा व घाघरा नदियों का जलस्तर कुछ बढ़ा है। नदियों के किनारे बसे गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंचा है।
शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। शारदा नदी पलिया रेलवे ब्रिज और शारदा बैराज के पास खतरे के निशान को पार कर बह रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, बनबसा बैराज पर शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान (221.70 मीटर) से नीचे 219.20 मीटर दर्ज किया गया है। यहां से 1,07,728 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है और जलस्तर में गिरावट जारी है। वहीं, पलिया ब्रिज के पास शारदा नदी खतरे के निशान 154.59 मीटर को पार करते हुए 154.86 मीटर पर बह रही है।
गनीमत यह है कि यहां भी पानी का रुख घटने की ओर है। शारदा बैराज पर नदी 135.55 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के स्तर (135.490 मीटर) से मामूली ऊपर है। यहां से 1,83,480 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। दूसरी ओर, घाघरा नदी गिरिजा बैराज पर खतरे के निशान 136.780 मीटर के मुकाबले 135.75 मीटर पर नियंत्रित स्थिति में है। बैराज से 1,70,505 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है और यहां बहाव स्थिर दर्ज हुआ है।
शहर से सटे बनवारीपुर रपटा पुल पर एक से डेढ़ फिट तक पानी चल रहा है। इसी पानी में होकर लोग आवागमन कर रहे हैं। इससे हर समय हादसे की आशंका बनी हुई है। बताते हैं कि लगातार बारिश के बाद उल्ल नदी भी उफना गई है। इसका पानी शहर रपटा के ऊपर से बह रहा है। एडीएम नरेन्द्र बहादुर सिंह ने लोगों से अपील की है कि रपटा पुल पर चल रहे पानी से आवागमन न करें।
लगातार बारिश के बाद कस्बे में जलभराव की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सोमवार शाम मोहम्मदी तहसीलदार गरिमा वर्मा ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया। इस दौरान लेखपाल अनिल वर्मा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहुल गुप्ता समेत स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। भाकियू नेता द्वारिका प्रसाद की अगुवाई में ग्रामीणों ने तहसीलदार को बताया कि कस्बे में जल निकासी के लिए वर्षों पुरानी पुलिया थी, लेकिन दुकानों के निर्माण के कारण पुलिया और निकासी व्यवस्था बंद हो गई है।
इसके अलावा तालाब की ओर जाने वाले खेत के रास्ते से भी पानी की निकासी बाधित है। इससे मोहल्ले में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और कई घरों में पानी भर गया है। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद तहसीलदार ने निर्देश दिया कि किसानों के खेतों को नुकसान पहुंचाए बिना खेत की सीमा पर 10 इंच का पाइप डालकर पानी निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
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