समस्तीपुर जंक्शन पर गत तीन सितंबर को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कूपे से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामदगी के मामले में गिरफ्तार जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र स्थित बारी गांव निवासी नेहा झा को आखिरकार विशेष आबकारी न्यायालय-2 से जमानत मिल गई।
तीन सितंबर को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से हुई थी गिरफ्तारी मामला नई दिल्ली से बिहार आने वाली 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से जुड़ा है। ट्रेन के समस्तीपुर जंक्शन पहुंचने के बाद आरपीएफ, जीआरपी और सीआईबी की संयुक्त टीम ने एच-1 कोच के फर्स्ट एसी कूपे में तलाशी ली थी। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई थी। बरामद शराब की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई गई थी। कार्रवाई के दौरान सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव की रहने वाली नेहा झा और उसके बहनोई हरियाणा निवासी ईशान कुमार को गिरफ्तार किया गया था। दोनों को बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद मामले ने इसलिए भी व्यापक सुर्खियां बटोरी थीं।
पांच सितंबर को दाखिल हुई थी जमानत अर्जी गिरफ्तारी के बाद नेहा और ईशान की ओर से 5 सितंबर को समस्तीपुर विशेष आबकारी न्यायालय-2 में नियमित जमानत याचिका दाखिल की गई थी। शुरुआती सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख मुकर्रर हुई थी। 18 सितंबर को अदालत में सुनवाई हुई, लेकिन केस डायरी उपलब्ध नहीं होने के कारण तत्काल अंतिम फैसला नहीं हो सका। अदालत ने पुलिस से केस डायरी मांगी और आगे की सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख निर्धारित की।
इसके बाद 24 सितंबर को भी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। उस दिन एक महिला अधिवक्ता के आकस्मिक निधन के कारण अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से खुद को अलग रखा था। इसके चलते अदालत ने अगली तारीख 28 सितंबर तय की थी। 28 सितंबर की सुनवाई में आखिरकार नेहा झा को जमानत मिल गई। नेहा के अधिवक्ता चंदन कुमार ने इसकी जानकारी साझा की।
सोशल मीडिया पर पहले भी वायरल हुई थी जमानत की खबर नेहा की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर उसके फोटो और वीडियो तेजी से प्रसारित हुए और काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद जमानत को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई तरह के अपुष्ट दावे सामने आए थे। सितंबर के मध्य में जब इन दावों की पड़ताल अमर उजाला ने की, तो उसके दादा शशिभूषण झा ने जमानत मिलने की खबर को पूरी तरह खारिज किया था। उन्होंने नेहा के न्यायिक हिरासत में रहने की बात कही थी।
शराब की खेप के नेटवर्क की जांच कर रही एसआईटी मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर रेल एसपी वीणा कुमारी के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई है। एसआईटी का नेतृत्व समस्तीपुर रेल डीएसपी को सौंपा गया है। टीम द्वारा जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि
पुलिस ने नेहा का मोबाइल भी जब्त किया था। उसकी तकनीकी जांच के जरिए संपर्कों और यात्रा से जुड़ी जानकारियों को खंगालने की बात सामने आई थी।
पारिवारिक कनेक्शन भी जांच के दायरे में जांच के दौरान नेहा के परिवार के कुछ सदस्यों के पूर्व में शराब से जुड़े मामलों में आरोपित होने की जानकारी भी सामने आई थी। नेहा के पिता संजय कुमार झा को अगस्त 2024 में सिंघिया पुलिस ने शराब से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं, उसकी बहन निशु झा को नवंबर 2025 में दरभंगा उत्पाद विभाग ने 21 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस इन पुराने मामलों और वर्तमान बरामदगी के बीच किसी संभावित कड़ी की भी पड़ताल कर रही है।
शादी समारोह के लिए शराब ले जाने के दावे की भी पड़ताल पूछताछ के दौरान नेहा की ओर से शराब को परिवार में होने वाले वैवाहिक कार्यक्रम में इस्तेमाल के लिए ले जाने का दावा किए जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने इस दावे की भी जांच शुरू की और यह पता लगाने की कोशिश की गई कि वास्तव में ऐसा कोई आयोजन था या नहीं। अब जमानत मिलने के बाद भी जांच एजेंसी के लिए यह सवाल महत्वपूर्ण रहेगा कि बरामद शराब का वास्तविक स्रोत क्या था और उसे ट्रेन के जरिए बिहार लाने की पूरी कड़ी क्या थी।
अब आगे क्या? नेहा झा को जमानत मिलने के बाद अब मामले की जांच का अगला महत्वपूर्ण चरण शराब की खेप के स्रोत और कथित नेटवर्क तक पहुंचना होगा। पुलिस के पास बरामद शराब, ट्रेन यात्रा, मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने का विकल्प है। दूसरी ओर, अदालत में मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। जमानत एक अंतरिम न्यायिक राहत है। मामले में आरोप सही हैं या नहीं, यह आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तय होगा।
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